अरविन्द कुमार/उजियारपुर:[ समस्तीपुर ] उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत पतैली पूर्वी पंचायत के उपमुखिया समेत आधे से ज्यादा वार्ड सदस्यों ने, पंचायत में संचालित विकास योजनाओं में की जा रही धांधली के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है। जिससे संबंधित एक बैठक पंचायत के एक निजी भवन पर आयोजित किया गया। पंचायत में मौजूद वार्ड सदस्यों का कहना था कि, पंचायत में विभिन्न प्रकार की कई विकास की योजनाएं संचालित की जा रही है, लेकिन वह विकास की योजनाएं पूरी तरह मनमाने ढंग से संचालित की जा रही है।

विगत तीन वर्षों से उनलोगों को कोई योजना नही मिली है। विकास योजना के नाम पर पंचायत में मनरेगा योजना से कराया जा रहा काम पुरी तरह मनमाने ढंग से किया जा रहा है। मनरेगा योजना से पंचायत में करीब 25-30 लाख का योजना चालू है, लेकिन उस योजना का लाभ मनरेगा मजदूरों में शामिल वास्तविक लोगों को नही मिल पा रहा है। मनरेगा मजदूरों के नाम पर देश के दुसरे राज्यों में रहकर काम करने वाले लोगों के नाम से राशि की निकासी कर ली जा रही है। यही नही जिस काम की मजदूरी मनरेगा मजदूरों को दी जा रही है। वह मिटटीकरण का काम भी बिल्कुल आधा अधूरा पड़ा हुआ है, लेकिन राशि की निकासी कर ली गयी है। वार्ड सदस्यों ने यह भी कहा कि, पंचायत में मनरेगा योजना से करायी गयी वृक्षारोपण का काम भी कागजों पर ही सिमट कर रह गया है, हालांकि इस योजना का पैसा भी निकाला जा चुका है। पंचायत में जल की समस्या भी बनी हुई है। नल जल योजना का मोटर जलने के कारण पानी की भी किल्लत बनी हुई है। इसकी जानकारी पीएचईडी विभाग के अभियंता को भी दे दी गयी है। बाबजूद महीना दो महीना तक नल जल योजना का मोटर तक बदला नही जाता है। जिसके कारण बेवजह स्थानीय लोगों से वार्ड सदस्य को गालियां सुननी पड़ती है। पंचायत के जितने भी वार्ड सदस्य हैं, सभी नल जल योजना के अनुरक्षक का काम भी करते हैं। बाबजूद अभी तक उनलोगों को मानदेय तक का भुगतान नही किया जा रहा है। यही नही पतैली पूर्वी पंचायत में विगत डेढ़ वर्षों से पंचायत सचिव के द्वारा कोई बैठक नही बुलायी गयी है। बाबजूद पंचायत में विकास योजनाएं संचालित करने के नाम पर सरकारी राशि की लूट व बंदरबांट जारी है। आखिर बिना बैठक किए पंचायत में योजनाएं कैसे संचालित की जा रही है। वहीं डीलर के द्वारा केवाईसी प्रत्येक लाभूक के घर पर जाकर करना है, लेकिन डीलर किसी भी लाभूक के घर पर नही जाकर मनमाने ढंग से अपने चहेते लोगों का ही केवाईसी कर रहे हैं, साथ ही राशन भी कम मात्रा में तौल कर देते हैं। वहीं संबंध में कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा उजियारपुर का बताना है कि, मनरेगा के तहत क्रियान्वित योजनाओं में काम करने वाले मजदूरों को ही राशि कार्यालय द्वारा भेजी जाती है। किसी अन्य व्यक्ति जो अन्य प्रदेशों में रहकर काम करते हैं उनके नाम पर किसी भी हालत में राशि नही भेजी जाती है। अगर कोई व्यक्ति जिसको प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला हो, और वह अन्य प्रदेश में भी रहता हो तो उसके खाता पर पैसा भेजा जा सकता है। वहीं इस संबंध में पंचायत सचिव का बताना है कि, प्रत्येक तीन माह पर एक बार आमसभा/ग्राम सभा का आयोजन करने का प्रावधान है। उन्होंने जिले में लोकसभा चुनाव के लिए जारी आदर्श आचार से पुर्व आमसभा का आयोजन किया था, अब फिर से आने वाले दिनों में भी ग्राम सभा किया जाएगा।







