अरविन्द कुमार/नसीब लाल झा: [सरायरंजन] जिले के सरायरंजन प्रखंड मुख्यालय स्थित, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सरायरंजन के डॉक्टर, व अन्य कर्मियों के द्वारा प्रसव कराने आयी एक महिला के साथ मारपीट किए जाने के कारण, महिला के पेट में पल रहे बच्चे की मौत पेट के अंदर ही हो गयी। जिसके बाद पिड़ित महिला के परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। बाद में स्थानीय लोगों के समझाने बुझाने से आक्रोशित लोग शांत हुए, तथा दोषी डॉक्टर, नर्स व अन्य कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।

पिड़ित महिला की पहचान सरायरंजन थाना क्षेत्र के गोपालपुर रामकिशनपुर वार्ड 13 निवासी, जितेंद्र राम की 27 वर्षिया पत्नी आरती कुमारी के रूप में की गयी है। घटना के संबंध में पिड़िता के पति जितेंद्र राम का बताना है कि, उन्होंने अपनी पत्नी आरती कुमारी को प्रसव पीड़ा के बाद, प्रसव के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सरायरंजन में, मंगलवार 10 सितम्बर को रात को भर्ती कराया।
जहां ड्यूटी पर तैनात एएनएम व डॉक्टर के द्वारा कहा गया कि, बुधवार 11 सितम्बर की सुबह 6 बजे तक सामान्य डिलेवरी हो जाएगा। जिसके बाद वह अपनी पत्नी को अस्पताल में ही छोड़कर, अपने घर खाना खाने चला गया। जब सुबह 6 बजे वह पीएचसी पहुंचे तो, एएनएम व डॉक्टर ने कहा कि, सामान्य रूप से प्रसव नही होगा, इसलिए किसी प्राईवेट अस्पताल में ले जाइए।
उसके बाद जब वह अपनी पत्नी के पास पहुंचे तो, पेट का साईज कुछ ज्यादा लगा। जब उसने अपनी पत्नी से पुछा तो उसने बताया कि, रात में प्रसव पीड़ा कुछ ज्यादा ही बढ़ गयी थी। जब इसके बारे में एएनएम व डॉक्टर को जानकारी दी गयी तो, उसने बताया कि 20 हजार रुपए तत्काल जमा करने के बाद सामान्य रूप से डिलेवरी करा दी जाएगी।
जब उन्होंने पैसे देने में असमर्थता जतायी तो, डॉक्टर व एएनएम ने उसे जाति सूचक गालियां देते हुए, उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान सबसे ज्यादा उसके पेट पर ही चोट पहुंचाई गयी है। जिसके बाद उसका पेट फुलने लगा है। जिसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी को ईलाज के लिए एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया। जहां जांच करने के बाद डॉक्टर ने बताया कि, पेट में ही बच्चे की मौत हो गयी है।
जिसके बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन करके बच्चे को बाहर निकाला तो, बच्चा मरा हुआ पाया गया। जिसके बाद उन्होंने डॉक्टर व नर्स को नामजद आरोपित बनाते हुए स्थानीय थाना को आवेदन देकर, अपने नवजात शिशु की हत्या किए जाने की बात बतायी है, तथा न्याय की गुहार लगायी है।
वहीं इस बाबत पुछे जाने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, डॉक्टर सूरज कुमार ने बताया कि, यह मामला उनके भी संज्ञान में आया है। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर आलम तथा एएनएम से पुछताछ की जा रही है, तथा घटना की जांच के लिए एक जांच कमिटी गठित कर दी गयी है। जांच कमिटी की रिपोर्ट आते ही दोषी कर्मी पर आवश्यक विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाएगी।







