???? बिग ब्रेकिंग: 50 लाख का पेट्रोल कंटेनर तथा 50 लाख का पेट्रोल लूटने पहुंचे बदमाशों के पास से एक चाकु तक नही हुआ बरामद, कहीं गिरती साख को बचाने के लिए उजियारपुर थानाध्यक्ष ने तो नही रची पेट्रोल कंटेनर लूट के कोशिश की झूठी पटकथा

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अरविन्द कुमार/अमित कुमार:[समस्तीपुर] उजियारपुर थाना क्षेत्र के सातनपुर एनएच-28 स्थित विजय होटल के पास, तेल टैंकर लूटने आए बदमाशों को उजियारपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गिरफ्तार बदमाशों के पास से तीन मोबाइल फोन, व घटना में प्रयुक्त एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गयी है।

गिरफ्तार बदमाशों की पहचान मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के हरपुर एलौथ गांव निवासी, स्वर्गीय उमेश कुमार के 27 वर्षिय पुत्र नीरज कुमार, विशंभरपुर एलौथ गांव निवासी, शिवनारायण सहनी के 21 वर्षिय पुत्र मुन्ना कुमार, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बेझाडीह गांव निवासी, अब्दुल गनी के 19 वर्षीय पुत्र मोहम्मद सोनू उर्फ मकसूद, खानपुर थाना क्षेत्र के अमसौड़ गांव निवासी, शंभू सहनी के 18 वर्षीय पुत्र अमन कुमार तथा, बेगूसराय जिला के बछवाड़ा थाना अंतर्गत समसीपुर दियारा गांव निवासी, बुधन राय के 22 वर्षिय पुत्र मनीष उर्फ प्रिंस के रूप में की गई है। उक्त जानकारी एसडीपीओ दलसिंहसराय विवेक कुमार शर्मा ने, सोमवार 05 अगस्त को कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दिया।

प्रेस वार्ता में मौजूद पत्रकारों को जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि, रविवार 04 अगस्त की देर रात को गिरफ्तार सभी बदमाश, दलसिंहसराय की ओर से आकर मुजफ्फरपुर की ओर जा रही, नेपाल नंबर की एक तेल कंटेनर को ओवरटेक करके, विजय लाईन होटल के पास रोक लिया तथा लूटपाट करने का प्रयास करने लगा।

जिसे घटनास्थल के सामने स्थित होटल संचालक विजय कुमार सिंह ने देख लिया, तथा वह लुटेरों को लूटपाट करने से मना करने गया। जहां उक्त सभी बदमाशों ने विजय कुमार को मारपीट कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया, तथा स्विफ्ट डिजायर कार में बैठकर सातनपुर की ओर भाग निकला।

जिसके बाद होटल संचालक विजय कुमार सिंह के द्वारा, उजियारपुर थाना को लिखित आवेदन दिया गया। जिसके आधार पर उजियारपुर थाने की पुलिस ने 5 अपराधकर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। हालांकि विश्वसनीय सुत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, तेल टैंकर चालक काफी देर से स्विफ्ट डिजायर कार चालक को पास नही दे रहा था। जिससे गुस्साए कार सवार युवकों ने टैंकर को ओवरटेक करके रोक दिया, तथा तेल टैंकर चालक के बीच कहासुनी हो गयी।

इसी बीच होटल संचालक बीच-बचाव करने पहुंचा। जहां उसके साथ भी धक्का-मुक्की हो गयी। वहीं दो अन्य युवक को शनिवार 03 अगस्त को बेझाडीह पंचायत के एक जनप्रतिनिधि को, उजियारपुर थानाध्यक्ष ने बरगला कर तथा अपने विश्वास में लेकर पुछताछ के लिए बुलाया। जिसमें से दोनों युवक को जेल भेज दिया। अब इसमें दो ऐसी बातें सामने आ रही है, जो भारतीय न्याय संहिता 2023 की खुल्लम-खुल्ला धज्जियां उड़ाती हुई नजर आ रही है।

सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तेल टैंकर को लूटने के प्रयास वाली कथित घटना रविवार 04 अगस्त के रात की नही, बल्कि शुक्रवार 02 अगस्त के देर शाम करीब 08:30 बजे की है। जहां मौजूद स्विफ्ट डिजायर कार सवार युवकों को उजियारपुर पुलिस ने, तेल टैंकर लूटने का प्रयास करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

जबकि भारतीय न्याय संहिता 2023 के अनुसार, इन सभी कार्रवाई की घटनास्थल पर ही विडियो क्लिप तैयार करनी है, जो नही किया गया। इसमें भी सबसे आश्चर्यजनक बात तो यह है कि, एक तेल टैंकर जिसकी शोरूम कीमत करीब 40-50 लाख होती है, तथा उसमे लोड 40 हजार से 50 हजार लीटर पेट्रोल जिसकी कुल लागत करीब 50 लाख होती है।

दोनों मिलाकर करीब 1 करोड़ रूप्ये का टैंकर व तेल होता है, और उसे लूटने तीन लड़का निहत्था ही एनएच-28 पर पहुंच जाएगा, और रोकेगा भी उस होटल के पास जो अपनी करनी के कारण खुद पहले से काफी चर्चे में रहा है, काफी हास्यास्पद लग रहा है।

इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने पहुंचने वाला युवक के पास से एक चाकु तक बरामद नही हुआ, आखिर ऐसा क्यूं ? इससे यह प्रतीत होता है कि, इस नाटक की पुरी पटकथा थानाध्यक्ष उजियारपुर ने, थाना क्षेत्र में अपने गिर रही साख को बचाने, व जिला पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर के नजर में हीरो बनने के लिए खुद ही लिख डाला है।

हालांकि आपको बता दें कि उजियारपुर के वर्तमान थानाध्यक्ष मुकेश कुमार का उजियारपुर ही नही, खानपुर तथा मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में भी इनका कार्यकाल काफी विवादित रहा है। आपको बता दें कि जिला में आज तक जितनी भी गिरफ्तारियां लूटपाट, हत्या अथवा रंगबाजी आदि मामलों में हुई है।

सबके पास से हथियार व जिंदा कारतूस आदि बरामद किए गए हैं, लेकिन यह सभी जिला के पहले ऐसे बदमाश होंगे, जो करोड़ों का सामान लूटने आए लेकिन खाली हाथ। इस घटना की पटकथा से ही संशय उत्पन्न हो रहा है। सुत्रों का यह भी बताना है कि, उजियारपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने, होटल संचालक से जबरदस्ती आवेदन लेकर उन युवकों को जेल भेजा है। वरीय पदाधिकारी को चाहिए कि, वह स्वयं इस घटना की बारिकी से जांच करें ताकि सही अपराधी को सजा मिल सके।

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