प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के 60 घंटा बाद भी पुलिस के हाथ खाली! दुर्भाग्य या संयोग ? दरभंगा प्रक्षेत्र के DIG के जिला दौरा समाप्त कर दरभंगा लौट जाने के 48 घंटों के अंदर गोलियों की तरतराहट से गूंज उठती है जिला

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बिहार की आवाज। संवाददाता। जिले के ताजपुर थाना अंतर्गत बसही भिंडी दर्जनिया पुल के पास अंधाधुंध गोलीबारी में हुई, प्रॉपर्टी डीलर गणेश सहनी की निर्मम हत्या के 60 घंटा बाद भी समस्तीपुर पुलिस के हाथ पुरी तरह खाली नजर आ रहा है। हालांकि पुलिसिया सुत्रों की मानें तो डीआईयू की टीम ने इस घटना में अभी तक कुल दो संदिग्धों को उठाया है, जिससे पुछताछ की जा रही है। ऐसी उम्मीद जतायी जा रही है कि, घटना का खुलास अगले कुछ घंटों में कर दिया जाएगा।

अभी तक इस घटना में तरह तरह की कयासें ही लगायी जा रही है। उधर घटना के तीन दिन बाद भी मृतक के पैतृक गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ रहा। गांव के लोगों का बताना है कि, मृतक काफी सरल स्वभाव का था। उसका किसी के साथ किसी भी प्रकार की वैमनस्यता नही थी। इसके बाद भी उसकी हत्या इतने निर्मम तरीके से किसने और क्यों की होगी, उनलोगों के समझ में नही आता है।

हालांकि विश्वसनीय सुत्रों पर भरोसा करें तो, 10 लाख रूपए के लेन-देन के मामले के साथ साथ अन्य मामले को लेकर भी कई लोगों से उसकी अदावत चल रही थी, और उस व्यक्ति ने गणेश सहनी को जान से मारने की धमकी तक दे दिया था। वाबजूद गणेश सहनी उसके इस धमकी को नजरंदाज कर रहा था। हालांकि आखिरकार उसकी हत्या हो ही गयी। वहीं स्थानीय लोगों का बताना था कि, एक तो यह इतनी वीभत्स घटना थी कि लोगों को इस घटनाक्रम की यादों से बाहर निकलने में महीनों का समय लग जाएगा, और उधर कुछ लोग तरह-तरह की बातें हवा में उछालकर और भी भय का माहौल बनाने में लगे हुए हैं।

उधर इस हत्याकांड के बाद समस्तीपुर एसपी अरविन्द प्रताप सिंह ने भी, रविवार 08 फरवरी की रात घटनास्थल का निरीक्षण किया, तथा मृतक के परिवारवालों से, तथा स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर आवश्यक जानकारी लिया। इधर मंगलवार 10 फरवरी को समस्तीपुर पहुंचे दरभंगा प्रक्षेत्र के डीआईजी मनोज कुमार तिवारी ने भी गणेश सहनी हत्याकांड से संबंधित आवश्यक जानकारी लिया, तथा संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिया। वहीं विश्वसनीय सुत्रों का बताना है कि, प्रॉपर्टी डीलर गणेश सहनी के हत्या की साजिश मंडल कारा के अंदर से रची गयी थी।

DIG के समस्तीपुर दौरा के बाद गोलियों की तरतराहट से कांप उठता है जिला

अब इसे दुर्भाग्य कहा जाए या संयोग मात्र! जब-जब दरभंगा प्रक्षेत्र के डीआईजी मनोज कुमार तिवारी का समस्तीपुर जिला में आगमन हुआ है! उसके 48 घंटों के अंदर जिला में अंधाधुंध फायरिंग की घटना हो गयी है। पहली बार डीआईआई मनोज कुमार तिवारी 17 जनवरी को समस्तीपुर एसपी ऑफिस पहुंचे थे। जहां पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक कर वापस दरभंगा लौट गए थे।

उनके जाने के 18 घंटा बाद, मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के मगरदहीघाट मुहल्ला में, 18 जनवरी को ईलेक्ट्रॉनिक मिडिया के पत्रकार प्रमोद कुमार व उनके भाई के घर पर, भूमाफियाओं ने दिनदहाड़े अंधाधुंध फायरिंग कर पुरे जिला में हरकंप मचा दिया था। इस दौरान घटनास्थल पर पहुंची मुफ्फसिल पुलिस ने घटनास्थल से करीब एक दर्जन खोखा भी बरामद किया था।

वहीं दुसरी बार डीआईजी मनोज कुमार तिवारी शुक्रवार 06 फरवरी को दलसिंहसराय थाना का निरीक्षण कर उसी दिन वापस दरभंगा लौट गए। अभी उनके इस दौरा का भी 48 घंटा भी पुरा नही हुआ था कि, एक बार फिर भू-माफियाओं ने एक प्रॉपर्टी डीलर को गोलियों से छलनी-छलनी कर दिया। इस दौरान भी स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल से एक दर्जन से भी अधिक खोखा व  कारतूस का अग्रभाग भी बरामद किया है। हालांकि इन दोनों घटनाओं का डीआईजी के जिला दौरे से कोई लेना-देना नही है, लेकिन यह संयोग भी बड़ी अजब-गजब है।

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