बिहार की आवाज। संवाददाता। जिले के उजियारपुर थाना में सहायक पुलिस अवर निरीक्षक के पद पर तैनात लक्ष्मण कुमार ने एक युवती को उसके परिजनों के द्वारा थाना को सुचना देने के करीब 08 घंटों के अंदर, सकुशल बरामद कर एक ईतिहास रच दिया है। उधर अपनी पुत्री को सकुशल पाकर युवती के परिजन भी उजियारपुर पुलिस का शुक्रिया करते देखे गए। यह मामला उजियारपुर थाना के ईतिहास का ऐसा पहला मामला है!

जिसमें इतने कम समय में उजियारपुर थाने की पुलिस ने, यह सफलता का परचम लहराया है। दरअसल मामला यह था कि, उजियारपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती यह बोलकर घर से बाहर निकली कि, वह उजियारपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर समस्तीपुर कोचिंग पढ़ने जा रही है! लेकिन काफी देर बाद तक भी जब वह वापस अपने घर नहीं आयी तो, युवती के पिता ने अपनी पुत्री की खोजबीन शुरु कर दी।
इस दौरान युवती के पिता ने अपने रिश्तेदारों के यहां भी अपनी पुत्री के बारे में पता लगाया, लेकिन ऊसकी पुत्री का कहीं भी पता नही चला। जिसके बाद उन्होंने इसकी सुचना उजियारपुर पुलिस को देते हुए आवेदन भी उपलब्ध करा दिया। आवेदन मिलने के तत्काल बाद थानाध्यक्ष ने इस मामले की जांच की जिम्मेवारी उजियारपुर थाना में कार्यरत सहायक पुलिस अवर निरीक्षक लक्ष्मण सिंह को सौंपी।
इधर आवेदन मिलते ही एएसआई लक्ष्मण सिंह मामले की जांच में जुट गए, और अपने गुप्तचरों को एक्टिव कर दिया। करीब 2 घंटा बाद ही एएसआई लक्ष्मण सिंह को मानवीय आसुचना संकलन तथा तकनीकी अनुसंधान के आधार पर गायब युवती के बारे में कुछ सुराग हाथ लगा।
जिसके बाद वह तत्काल थाने की सरकारी वाहन से उक्त युवती को बरामद करने निकल पड़े, और मात्र 08 घंटों के अंदर उक्त युवती को सकुशल बरामद कर न्यायालय में उपस्थापित कर दिया गया। जहां से न्यायालय के आदेश पर गायब युवती को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया।







