समस्तीपुर। जिले से जुड़ी एक अहम शिकायत पर प्रशासन ने त्वरित और ठोस कार्रवाई करते हुए पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत CPGRAMS पोर्टल पर दर्ज शिकायत संख्या RE5PG/M/2026/0000002 की जांच पूरी कर ली गई है।

यह शिकायत उजियारपुर प्रखंड के पतैली पूर्वी निवासी सुदर्शन कुमार द्वारा दर्ज कराई गई थी। शिकायत में मनरेगा योजना के क्रियान्वयन में अनियमितता और फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप लगाए गए थे। विशेष रूप से पंचायत रोजगार सेवक वीरेंद्र कुमार पर एक ही व्यक्तियों के फोटो बार-बार पोर्टल पर अपलोड करने की बात सामने आई थी।
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA), समस्तीपुर द्वारा कराई गई विस्तृत जांच में कई आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के अनुसार योजनाओं से संबंधित कार्यों में “Second photo not uploaded” जैसी तकनीकी त्रुटियां और लापरवाही स्पष्ट रूप से पाई गईं, जो नियमों का उल्लंघन है।
जांच के आधार पर प्रशासन ने संबंधित पंचायत रोजगार सेवक वीरेंद्र कुमार पर 8750 रूपए की वसूली के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के परफॉर्मेंस इंसेंटिव में 25% कटौती की अनुशंसा की है। साथ ही, शिकायत के निपटारे के बाद इसे पोर्टल से बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
वहीं शिकायतकर्ता सुदर्शन कुमार इस कार्रवाई को आंशिक मान रहे हैं। उनका कहना है कि मनरेगा के मास्टर रोल में 16 दिनों के कार्य में केवल 14 दिनों की उपस्थिति दर्ज की जाती है, जबकि फोटो अपलोड में भी भारी गड़बड़ी है। उनका दावा है कि यदि सभी दिनों की गहन जांच की जाए तो वसूली की राशि कई गुना बढ़ सकती है। हालांकि, उन्होंने इसे एक चेतावनी स्वरूप कार्रवाई बताते हुए इसका स्वागत किया है।







