उजियारपुर के ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ पर उठे सवाल, पुलिस प्रेस विज्ञप्ति में कई विरोधाभास! गबन के मामला को बताया लूट! लूट की बाईक बरामदगी पर भी संदेह! एनकाउंटर में गोली लगने की जगह व बगैर प्रेस वार्ता की कार्रवाई भी संदेह को दे रहा बल

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समस्तीपुर। जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र में 20 मई को पुलिस द्वारा चलाए गए चर्चित “ऑपरेशन लंगड़ा” को लेकर अब कई गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। घटना से जुड़ा एक ऑडियो पहले ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो चुका है। वहीं अब समस्तीपुर पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में भी कई विरोधाभास सामने आने के बाद पूरे मामले पर संदेह गहराता जा रहा है।

पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया है कि, बेगूसराय जिले के बछवाड़ा थाना क्षेत्र में हुई, एक लूटकांड की घटना में लूटी गई होंडा बाइक को बरामद किया गया है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि, अपराधियों ने उसी बाइक का उपयोग सरायरंजन थाना क्षेत्र में एक अन्य लूट की घटना को अंजाम देने में किया था।

हालांकि पुलिस द्वारा जिस बछवाड़ा थाना कांड संख्या 156/24 का उल्लेख किया गया है! अब उसकी वास्तविक प्रकृति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रेस विज्ञप्ति में जिस कांड संख्या का उल्लेख करते हुए लूट की घटना बतायी गयी है, दरअसल वह मामला लूटकांड का नहीं, बल्कि रुपए के लेनदेन और कथित तौर पर गबन से जुड़ा हुआ है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि, जब संबंधित कांड लूट से जुड़ा ही नहीं है, तो फिर “लूटी गई बाइक” की बरामदगी का दावा किस आधार पर किया जा रहा है ?

वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल बताए गए अपराधी प्रिंस कुमार को लेकर भी चर्चा तेज है। पुलिस ने दावा किया है कि, मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी, लेकिन जिस स्थान पर गोली लगने की बात कही जा रही है, उसे चिकित्सकीय भाषा में “अकिलीज़ टेंडन” कहा जाता है, जो टखने के ऊपर और एड़ी के ठीक पीछे का अत्यंत छोटा एवं पतला हिस्सा होता है। विशेषज्ञों के अनुसार वास्तविक और गतिशील मुठभेड़ की स्थिति में, इतनी सटीक जगह पर गोली लगना बेहद दुर्लभ माना जाता है। इसी कारण इस पूरे घटनाक्रम पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में कुल छह अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अपराधी गोली लगने से घायल हुआ। इसके बावजूद पुलिस द्वारा अब तक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आमतौर पर इस प्रकार की बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस मीडिया के सामने विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करती है, लेकिन इस मामले में केवल प्रेस विज्ञप्ति जारी कर औपचारिक जानकारी दी गई।

प्रेस विज्ञप्ति में गिरफ्तार किए गए अनीश कुमार एवं विकास कुमार साह की पहचान, आपराधिक इतिहास या उनकी भूमिका को लेकर भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इससे पूरे मामले को लेकर और भी अधिक संशय की स्थिति बन गई है। पुलिस ने अपने बयान में कहा था कि, घायल अपराधी का इलाज पुलिस अभिरक्षा में कराया जा रहा है, जबकि अन्य सभी गिरफ्तार आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

वहीं पूरे मामले पर अरविंद प्रताप सिंह ने कहा कि गिरफ्तार अपराधियों ने हाल के दिनों में कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। उन्होंने बताया कि बेगूसराय जिले के बछवाड़ा थाना क्षेत्र में हुई घटना में अपराधियों की संलिप्तता सामने आने के बाद वहां की पुलिस से भी संपर्क किया गया है।

एसपी ने यह भी स्वीकार किया कि प्रेस विज्ञप्ति में कांड संख्या के उल्लेख में त्रुटि हो सकती है और उसमें तत्काल सुधार कराया जा रहा है। वहीं अपराधी के पैर में गोली किस स्थान पर लगी है, इसका स्पष्ट पता मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

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