???? बिग ब्रेकिंग: मुसरीघरारी एनएच-28 पर खाली रहता है चेकपोस्ट, नही दिखते हैं कोई पुलिस पदाधिकारी, कैसे होगा जिले मे निर्भिक मतदान, क्या कर रहे हैं मुसरीघरारी थानाध्यक्ष ?

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अरविन्द कुमार/समस्तीपुर: जिले के दोनों लोकसभा क्षेत्र समस्तीपुर व उजियारपुर में, निष्पक्ष निर्भिक व बेहतर माहौल में चुनाव संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन व जिला पुलिस प्रशासन पुरी तरह जी -जान से जुटी हुई है। जिसको लेकर रोजाना जिलास्तर पर बैठक/समीक्षात्मक बैठकों का दौड़ जारी रहता है। समस्तीपुर के पुलिस कप्तान विनय तिवारी रोजाना, जिले के सभी थानाध्यक्षों को नए नए टास्क देते रहते हैं, ताकि जिले के दोनो लोकसभा क्षेत्रों में चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न करायी जा सके, लेकिन समस्तीपुर पुलिस के ही कुछ कर्मी अपने विभाग को बदनाम करने से भी पीछे नही रहते हैं।

ताजा मामला मुजफ्फरपुर बेगूसराय मुख्य मार्ग के एनएच-28 का है। जहां जिला पुलिस कप्तान व जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी समस्तीपुर के आदेश पर, मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के हुंडहिया पेट्रोल पंप के पास बने, मुसरीघरारी थाना का पुलिस चेकपोस्ट वीरान पड़ा हुआ है। उक्त चेक पोस्ट पर पुलिस पदाधिकारी की मौजूदगी तो दुर की बात है, एक अदद चौकीदार तक उस पुलिस चेकपोस्ट पर नही था। जबकि वह चेकपोस्ट ऐसे जगह पर बना हुआ है, जहां पर मुफ्फसिल थाना क्षेत्र से आने वाली एक रास्ते का मिलान एनएच-28 से हो जाता है, और उस रास्ते से होकर ज्यादातर अवैध सामग्री को लाने और ले जाने की संभावना बनी रहती है, लेकिन इस चेकपोस्ट को देखने से ऐसा लगता है कि, मुसरीघरारी थानाध्यक्ष फैजूल अंसारी शायद विभागीय आदेश से या तो अनभिज्ञ हैं, या विभागीय आदेश की अवहेलना कर रहे हैं।

अगर इसी तरह पुलिस चेकपोस्ट खाली रहा तो जिला के अंदर किसी भी प्रकार के अवैध सामग्रियों का आदान प्रदान संभव हो सकता है, और जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी का निर्भिक चुनाव संपन्न कराने का दावा खोखला साबित हो सकता। इसलिए जिला प्रशासन व जिला पुलिस प्रशासन को चाहिए कि इस तरह अपने कार्यों में लापरवाही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारियों के विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि जिले में निर्भिक चुनाव का सपना साकार किया जा सके। वहीं इस संबंध में स्थानीय लोगों का बताना है कि, यह चेकपोस्ट अक्सर खाली ही रहता है। यहां पर कोई पुलिस पदाधिकारी या कोई पुलिस के जवान मौजूद नही रहते हैं। जबकि यहां से एक रास्ता मुफस्सिल थाना क्षेत्र की ओर जाती है। जिस रास्ते से होकर अक्सर गलत गतिविधी में संलिप्त लोगों का आना जाना लगा ही रहता है। स्थानीय लोगों का यह भी बताना था कि, कल भी इस पुलिस चेक पोस्ट पर न तो कोई फोर्स था, और न ही कोई पदाधिकारी। ऐसे में सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि, जिला प्रशासन मतदान को लेकर कितनी मुस्तैद है।वहीं इस बाबत पूछे जाने पर एएसपी सह एसडीपीओ सदर संजय कुमार पांडेय ने बताया कि, जिला में दो प्रकार के चेकपोस्ट बनाए गए हैं। पहला बॉर्डर चेक पोस्ट व दुसरा इंटरनल चेकपोस्ट। बॉर्डर चेकपोस्ट पर 24 घंटा पुलिस बल की तैनाती रहती है, जबकि इंटरनल चेकपोस्ट पर प्रत्येक 2 घंटा बाद जांच की जाती है। जबकि स्थानीय लोगों का बताना है कि इस चेकपोस्ट पर पुलिसकर्मी मौजूद रहते ही नही हैं।

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