अरविन्द कुमार/समस्तीपुर: जिले के उजियारपुर थाना परिसर में, थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने, 4 फरवरी को सरस्वती पूजा पर की गयी गलतियों को दोहराते हुए, एक बार फिर स्थानीय ग्रामीण अथवा स्थानीय युवाओं को शांति समिति के बैठक में ना बुलाकर, केवल एक राजनितिक दल के नेताओं को थाना परिसर में बुलाकर उनके साथ बैठक कर शांति समिति के बैठक की खानापूर्ति कर दी है।

आयोजित इस बैठक में सामने दिख रहे लोगों में से, अगर 1 से 2 लोगों को छोड़ दिया जाए तो, इस बैठक में शामिल सभी लोग एक राजनितिक दल के कट्टर नेता हैं। जिनके साथ थानाध्यक्ष उजियारपुर मुकेश कुमार शांति समिति के बैठक का आयोजन कर रहे हैं। आपको बता दें उजियारपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार इससे पुर्व भी, इसी वर्ष सरस्वती पूजा के निमित्त होने वाली शांति समिति की बैठक में, दो राजनितिक दल के नेताओं को बुलाकर बैठक के नाम पर खानापूर्ति कर चुके हैं। जिसकी पुनरावृत्ति उनके द्वारा एक बार फिर किया हुआ प्रतीत हो रहा है। इस तरह किसी एक राजनितिक दल के नेताओं से नजदीकियां, इनकी क्रियाकलाप पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है। जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि, आने वाले दिनों में अगर यह उजियारपुर थाना में थानाध्यक्ष के पद बने रहते हैं तो, उजियारपुर लोकसभा क्षेत्र में निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने का दावा करने वाली जिला प्रशासन के दावों पर भी सवालिया निशान लग सकता है।

आखिर थानाध्यक्ष उजियारपुर शांति समिति की बैठक में, किसी एक ही राजनितिक दल के नेताओं को शामिल होने का न्यौता क्यों देते हैं ? सुत्रों का तो यहां तक बताना है कि, उजियारपुर थाना के थानाध्यक्ष मुकेश कुमार का, देश की एक बड़ी राजनितिक पार्टी के सांसद के साथ गहरे संबंध भी है। आखिर इस बात में कितनी सच्चाई है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि उजियारपुर थानाध्यक्ष के इस क्रियाकलाप पर जिला स्तरीय पदाधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं। हालांकि होली के निमित्त की गयी यह बैठक, शांति समिति की बैठक कम, कागजी खानापूर्ति ज्यादा लग रही थी।







