अरविन्द कुमार/नसीब लाल झा: [समस्तीपुर] जिला मुख्यालय में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को मानने वाली संस्थाओं से जुड़े लोगों ने, रविवार 14 अप्रैल को बाबा साहब डाॅ भीमराव आंबेडकर की जयंती धूमधाम से मनायी। इस अवसर पर जिलावासियों ने बैंड-बाजा के साथ आंबेडकर जी की भव्य शोभा यात्रा भी निकाली। जितवारपुर से निकाली गयी यह शोभायात्रा बहादुरपुर, स्टेशन चौक, स्टेशन रोड, समाहरणालय रोड पटेल गोलंबर होते हुए, बहादुरपुर मध्य विद्यालय में जाकर समाप्त हो गयी।

जहां उनके तैल्य चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद वक्ताओं ने इस जयंती समारोह में शामिल होने वाले लोगों को जानकारी देते हुए बताया कि, बाबा साहेब सामाजिक न्याय के प्रणेता व पुरोधा थे। वह समाज में व्याप्त छुआछूत व ऊंचनीच को मिटाने के साथ ही, वंचित व उपेक्षित लोगों को मुख्यधारा में जोड़ने को लेकर सदैव क्रियाशील रहे। बाबासाहेब सामाजिक न्याय के पक्षधर थे। उन्होंने समता मूलक समाज के निर्माण पर हमेशा जोड़ दिया।

इसलिए हमलोगों को उनके जीवन और चरित्र से सीख लेनी चाहिए। बाबा साहब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े दबे, कुचले, दलित लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव तत्पर रहे। वह सदैव आमलोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करते रहे। आज उनके बताए रास्ते पर चलकर ही लोगों में विकास दिख रहा है। आपको बता दें कि, बाबा साहब संविधान निर्माता थे।

1891 में मध्य प्रदेश के महू में उनका जन्म हुआ था। बाबा साहब समतामूलक समाज के पक्षधर थे, और उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों, महिलाओं के उत्थान के लिए काफी काम किया। यही नहीं, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को शुरू से ही सामाजिक तौर पर जातिगत भेदभाव झेलना पड़ा था। जिसके करण वह छुआछूत की इस प्रथा को भी समाप्त करने के लिए हमेशा काम करते रहे। बाबासाहेब देश के पहले कानून मंत्री बने। जिन्हें भारत रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है। इस दौरान मौके पर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।







