अरविन्द कुमार/नसीब लाल झा/मुसरीघरारी:[समस्तीपुर] मुसरीघरारी थाना अंतर्गत एनएच 28 पर कबाड़ी गोदाम के पास तीन तीन गाड़ियों की आपस में हुई टक्कर में, एक ही परिवार के एक बच्चा व महिला समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं इस हादसे में शामिल ई रिक्शा एक ट्रक व एक होंडा सिटी कार भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि घटना के बाद तीनों वाहनों के चालक अपनी-अपनी गाड़ियां छोड़कर फरार हो गया। उधर तीनों गाड़ियों के आपस में टकराने की आवाज सुनकर, घटनास्थल पर पहुंचे लोगों ने, तीनों घायलों को ईलाज के लिए, मुसरीघरारी स्थित एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया।

जहां तीनों घायलों की गंभीर हालत में ईलाज जारी है। घायलों की पहचान ताजपुर थाना क्षेत्र के राजखंड गांव के वार्ड चार निवासी, मोहम्मद फूलबाबू की 25 वर्षीया पत्नी रौशन खातून, 30 वर्षीय मोहम्मद फूल बाबू तथा मोहम्मद फूलबाबू का 3 वर्षीय बच्चा मोहम्मद एहसान के रूप में की गयी है। तीनों घायल ई-रिक्शा पर सवार होकर, किशनगंज जाने के लिए मुसरीघरारी बस स्टैंड, बस पकड़ने के लिए जा रहे थे, जहां यह घटना हो गयी। उधर हादसे की सूचना मिलते ही मुसरीघरारी थाना में कार्यरत डायल नंबर 112 की टीम, घटनास्थल पर पहुंच मामले की छानबीन में जुटी हुयी है। पुलिस द्वारा जप्त की गयी गाड़ियों मे शामिल होंडा सिटी कार में पार्षद नगर परिषद हाजीपुर लिखा हुआ है। जिससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि, यह कार किसी राजनितिक पार्टी के लोगों की प्रतीत हो रही है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि, शनिवार 13 अप्रैल की संध्या करीब 7:30 बजे ताजपुर की तरफ से आकर, मुसरीघरारी चौक की तरफ जा रही, ई-रिक्शा व होंडा सिटी कार की टक्कर, बेगूसराय की ओर से आकर मुजफ्फरपुर की तरफ जा रहे ट्रक से हो गयी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि, ई रिक्शा व होंडा सीटी कार के परखच्चे उड़ गए। इसी दौरान ई रिक्शा में सवार होकर मुसरीघरारी की ओर जा रहे, एक ही परिवार के तीन लोग जख्मी हो गए। जिसका ईलाज मुसरीघरारी के ही एक निजि क्लिनिक में जारी है। घटना के संबंध में बताया बताया जाता है कि, ट्रक के चमकीले रौशनी को देखकर ई रिक्शा व कार चालक की आंखे चौंधिया गयी, और आपस में तीनों गाड़िया टकरा गयीं। आपको बता दें कि मुसरीघरारी चौराहा के चारों ओर रोजाना, छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी सड़क दुर्घटनाएं होती ही रहती है। क्योंकि मुसरीघरारी चौराहा पर ड्यूटी करने वाले पुलिस के जवान, केवल अपने वरीय पदाधिकारी को रास्ता दिखाने व ओवरलोड गाड़ियों व ऑटो तथा ई रिक्शा चालको सें अवैध वसुली करने के लिए खड़े रहते है। जिसके कारण मुसरीघरारी चौराहा स्थानीय दबंग व आपराधिक प्रवृति के लोगों के लिए बस पड़ाव बन गया है। जिसके कारण इन मार्गों पर अक्सर सड़क हादसे होते ही रहते हैं। एक आंकड़ा के मुताबिक मुसरीघरारी चौराहा पर सड़क हादसे में प्रत्येक वर्ष 10 लोगों की मौत हो जाती है, वहीं सैकड़ों की संख्या में राहगीर व स्थानीय लोग घायल भी हो जाते है।








