अरविन्द कुमार/खुदीराम बोस पूसा:[बिहार की आवाज] प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के पूसा शाखा की दूसरी वर्षगांठ के शुभ अवसर पर, स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति, डॉ पी. एस. पाण्डेय मुख्य अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। उनके साथ डॉ एम. एस. कुंडू, डायरेक्टर ऑफ़ एक्सटेंशन एजुकेशन भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की शुरुआत में आगत अतिथियों का स्वागत समस्तीपुर की सविता बहन ने तिलक लगाकर, व रोसड़ा की कुंदन बहन ने बुके प्रदान कर किया। इस दौरान दलसिंहसराय की सोनिका बहन ने गुलाबासी की, एवं पूसा की पूजा बहन ने अतिथियों के उपर पुष्प वर्षा की। वहीं स्वागत भाषण बीके तरुण ने किया, तथा कृष्ण भाई ने पट्टा ओढ़ाकर उनका सम्मान किया एवं कार्यक्रम का संचालन किया। इस कार्यक्रम में मौजूद, कुलपति डॉ पी. एस. पाण्डेय ने कहा कि, वह इस स्थान पर आकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने अपने अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि, वह लगभग 36 वर्षों से इस ईश्वरीय विश्वविद्यालय से परिचित हैं, और यहां सिखाए जा रहे राजयोग का भी अभ्यास कर उन्होंने लाभ प्राप्त किया है। उन्होंने अपना एक अनुभव साझा करते हुए कहा कि, सन् 2008 में जब उनके छोटे भाई को ओरल कैंसर की बीमारी हुई थी तो, राजयोग के नियमित अभ्यास से ही वह इस असाध्य बीमारी से छुटकारा पाने में सफल रहे थे। उन्होंने इस संस्थान की कार्यशैली व इससे जुड़े भाई-बहनों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए, विश्वविद्यालय की ओर से संस्थान को यथासंभव सहयोग करने का आश्वासन भी दिया।

इस अवसर पर डॉ एम. एस. कुंडू ने भी संस्थान की उन्नति एवं प्रगति के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, ब्रह्मा कुमारीज़ परिवार जो सेवा कर रहा है, उससे निश्चित रूप से आने वाले समय में एक मूल्यनिष्ठ एवं सुखमय समाज की स्थापना होगी। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद समस्तीपुर के प्रमुख व्यवसायी सतीश चांदना व सविता बहन ने भी धन्यवाद ज्ञापन किया। मौके पर मौजूद सैकड़ो लोगों ने प्रसाद स्वरूप ब्रह्मा भोजन भी किया। मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ आर. के. तिवारी, जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य डॉ टी. एन. शर्मा, स्थानीय व्यवसायियों में सुनील अग्रवाल, नरेंद्र अग्रवाल, बजरंग अग्रवाल, प्रकाश मोदी, मनोज भाई, टुनटुन भाई, उमेश भाई, अमरेश भाई आदि उपस्थित रहे।








