अरविन्द कुमार/अमित कुमार:(समस्तीपुर) जिले के उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत पतैली पुर्वी पंचायत के समाजसेवी सह स्थानीय मतदाता सुदर्शन चौधरी ने, जिलाधिकारी समस्तीपुर, जिला सहकारिता पदाधिकारी समस्तीपुर, प्रखंड विकास पदाधिकारी उजियारपुर, अनुमण्डल पदाधिकारी दलसिंहसराय, निदेशक सहकारिता विभाग पटना, मुख्य सचिव सहकरिता विभाग पटना, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग पटना, तथा प्रधान सचिव सामान्य प्रशाशन विभाग पटना सहित सहकारिता विभाग से संबंधित अन्य विभाग व पदाधिकारी को आवेदन देते हुए मतदाता सुची में सुधार होने तक, उजियारपुर प्रखंड के पतैली पुर्वी पंचायत में आगामी 16 नवम्बर को आहूत सहकारिता विभाग के चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।

उपरोक्त सभी विभाग व पदाधिकारियों को दिए गए आवेदन में समाजसेवी सुदर्शन चौधरी ने बताया है कि, उजियारपुर प्रखंड के पतैली पुर्वी पंचायत के पैक्स मतदाता सूची में, वृहत पैमाने पर धांधली की गयी है। शिकायती आवेदन पत्र में उन्होंने यह भी बताया है कि, जारी की गयी मतदाता सुची में गड़बड़ी से संबंधित शिकायती आवेदन पत्र उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी उजियारपुर को भी उपलब्ध कराया था।
बाबजूद मतदाता सुची में कोई सुधार नहीं हुआ है। श्री चौधरी ने शिकायती आवेदन पत्र में यह भी बताया है कि, उन्होंने मतदाता सुची पर इसलिए आपत्ति जताया है, क्योंकि विभाग द्वारा जारी की गयी मतदाता सुची में 50 से भी अधिक मृत लोगों का नाम अभी तक शामिल है, जबकि उनलोगों की मौत 2-3 साल पहले हो चुकी है।
यही नहीं। इस मतदाता सुची में दर्जनों लोगों का नाम दो-दो जगहों पर अंकित है। उन्होंनें यह भी बताया है कि, सहकारिता विभाग(PACS) के अधिकारिक वेबसाइट पर भी अभी तक 2019 में अंतिम रूप से प्रकाशित की गयी मतदाता सूची ही प्रदर्शित हो रहा है। ऐसे में स्वच्छ व निष्पक्ष मतदान पर उन्होंने शंका जाहिर करते हुए, मतदाता सुची में सुधार होने तक पतैली पुर्वी पंचायत में होने वाले पैक्स चुनाव पर रोक लगाने की मांग की है।
वहीं इस बाबत पुछे जाने पर बीडीओ उजियारपुर अमित कुमार ने बताया कि, दावा आपत्ति के साथ जिन्होंने भी शपथ पत्र नही दिया है, उनका दावा आपत्ति निरस्त कर दिया गया है। हालांकि साधारण त्रुटि को बगैर शपथ पत्र के भी सुधार कर दिया जा रहा है। मृत मतदाता के सवाल पर उजियारपुर बीडीओ अमित कुमार ने बताया कि, मतदाता सुची का निर्माण पैक्स अध्यक्ष करते हैं, इसलिए उनलोगों के द्वारा मतदाता सुची से कोई छेड़छाड़ नही किया जाता है।
अगर ऐसा दावा आपत्ति आता है कि, किसी का नाम जोड़ना है, अथवा किसी का नाम हटा दिया गया है, तो दावा आपत्ति करने वाले व्यक्ति के द्वारा पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत करने पर जिसमें दस रूप्ये वाला रसीद व सक्ष्म प्राधिकार का आदेश शामिल है, दिए जाने पर उनका नाम जोड़वा दिया जाता है। वहीं मतदाता सुची के 2024 में अंतिम रूप से प्रकाशन के बारे में उन्होंने बताया कि, मतदाता सुची का प्रकाशन विभाग के अधिकारिक वेबसाइट पर चुनाव संपन्न होने के बाद ही डाला जाता है।







