समस्तीपुर। जिले के उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत लखनीपुर महेशपट्टी पंचायत में क्रियान्वित होने वाली सभी विकास योजनाओं में विगत 10 वर्षों से पंचायत सचिव व उनके आका सहित पंचायत सचिव के दलालों ने खुली लूट मचा रखी है। लाखों-लाख रूपए की योजनाओं को औने पौने ढंग से बनाकर पंचायत सचिव के सहयोग से राशि की निकासी भी कर ली जाती है, और उसी विकास योजनाओं से लूटी गयी राशि से रोजाना महंगी-महंगी शराब की पार्टी की जाती है।

वाबजूद पंचायत के लोगों की आंखें नही खुल रही है। हालात ऐसे हैं कि, पंचायत सचिव के द्वारा पारित होने वाली योजना के अंतर्गत बनने वाली पीसीसी सड़क बनने के 06 माह के अंदर ही टूटकर बिखर जाता है, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधी अथवा पंचायत सचिव इन सब बातों से बेखबर पंचायत की विकास योजनाओं को लूटने की नयी नयी तरकीबें सोचते रहते हैं।

वर्तमान समय में लखनीपुर महेशपट्टी के पंचायत सचिव पंचायत के कुछ जनप्रतिनिधि व उनके दलालों के साथ मिलकर ऐसे एसे जगहों का प्राक्कलन तैयार करवा रहे हैं, जहां पर पंचायतवासी कभी जाते भी नही होंगे। शायद पंचायत सचिव लखनीपुर महेशपट्टी गांव के स्थानीय लोगों के साथ साथ भूत-प्रेत का भी ख्याल रखने का सोच रहे होंगे।

इसलिए ही इस तरह के वीरान स्थानों पर विकास योजनाओं को धरातल पर लाने के जुगत में लगे हुए हैं। ताजा मामला भी उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत लखनीपुर महेशपट्टी पंचायत के वार्ड संख्या 14 का है। जहां वार्ड संख्या 14 स्थित चुरमुन्नी पोखर में छठघाट निर्माण के नाम पर लाखों रूपए का घपला/घोटाला किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।

चुरमुन्नी पोखर में षष्ठम वित्त मद आयोग से क्रियान्वित इस छठघाट को देखकर एक अंधा व्यक्ति भी बता देगा कि, इस योजना के नाम पर केवल सरकारी राशि की लूट की गयी है। पंचायत के विकास योजना के तहत निर्मित यह छठ घाट का एक भी सीढ़ी सीधा नही है। इसके निर्माण में मानक को पुरी तरह ताक पर रख दिया गया है। इस छठ घाट के सीढ़ी की ना तो लंबाई सही है और ना ही चौड़ाई।
एक ही सीढ़ी को कहीं पर दो फीट उंचा कर दिया गया है, तो कहीं पर तीन फीट नीचे कर दिया गया है। चौड़ाई की बात करें तो यह सीढ़ी कहीं पर 4 ईंच है तो कहीं पर 8 ईंच तो कहीं पर 12 ईंच। इस छठ घाट के सीढ़ी की एक दुसरे से दुरी तक मानक के अनुरूप नही है, और तो और इस छठ घाट के सीढ़ी का ढ़लान भी सही नही है। जिसके कारण बारिश का पानी इसी सीढ़ी पर जमा हो जाएगा और नमी बनाकर सीढ़ी को लेकर सीधे पोखर में चली जाएगी।
यही नही! यह छठ घाट का सीढ़ी एक छोटी सी बरसात भी नही झेल पायी है और टूटने भी लगा है। जिस स्थान से इस छठघाट के सीढ़ी का निर्माण शुरू किया गया है, उस जगह पर पुरे छठघाट की चौड़ाई में गड्ढ़ा बन गया है। जिससे संभव है कि, अगर आने वाले दिनों में एक भी अच्छी बारिश होती है तो, छठघाट के नीचे से मिट्टी का कटाव शुरू हो जाएगा, और पूरा छठघाट चुरमुन्नी पोखर में समाहित हो जाएगा।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर इस पंचायत के पंचायत सचिव और उनके दलालों के पास इतनी हिम्मत कहां से आती है कि, पंचायत के विकास योजनाओं का लाखों रूपए की राशि का बंदरबांट कर आराम से चले जाते हैं ? आखिर ऐसे भ्रष्ट जनप्रतिनिधियों को लोग चुनते हीं क्यों हैं जो अपने पंचायत के विकास योजनाओं को सही ढंग से धरातल पर उतारने के जगह पर अपने शराबी साथियों के साथ शराब पीने में मस्त रहता हो।
हालांकि इस संबंध में जब पंचायत सचिव से जानकारी ली गयी तो, उन्होंने बताया कि अभी वह अपने निजि काम से पटना में हैं। लौटने के बाद वह कार्यस्थल का निरीक्षण कर उचित कार्रवाई करेंगे। वहीं इस योजना का प्राक्कलन तैयार करने वाले कनीय अभियंता का भी बताना है कि, कार्यस्थल का गहराई से जांच की जाएगी। तत्पश्चात जो भी उचित होगा अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए जब प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी के संपर्क संख्या पर संपर्क करने की कोशिश की गयी तो, उनका संपर्क संख्या आउट ऑफ नेटवर्क कवरेज एरिया रहने के कारण उनका पक्ष नही जाना जा सका।







