नसीब लाल झा/समस्तीपुर: मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के ताजपुर रोड स्थित, महिन्द्रा फर्स्ट च्वाईस के पास रविवार 4 फरवरी को भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ किया गया। इस यज्ञ आयोजन के प्रथम दिन स्थानीय कन्याओं ने अपनी सिर पर कलश रखकर कलश यात्रा निकाल इसकी शुरुआत की।

स्थानीय तालाब से पवित्र जल लेकर कथा के पहले दिन, पूरे ईलाके का भ्रमण कर यज्ञ स्थल पर पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना की गयी। वहीं इस दौरान सैकड़ों की संख्या में स्थानीय महिलाओं ने भी, इस कलश यात्रा में अपनी सहभागिता दिया। श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन से पुरा ईलाका गुंजायमान हो चुका है।

मुसरीघरारी का पुरा ईलाका राममय हो चुका है। इस दौरान आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथा का व्याख्यान करते हुए, परम श्रद्धेय अनुराग कृष्ण जी महाराज उर्फ पगड़ी वाले बाबा ने कहा कि, रामायण महापुराण हमें आदर्श के साथ साथ, जीवन जीने के तरीके सिखाती है, और श्रीमद् भागवत महापुराण भक्त को यह शिक्षा देती है कि, मरने से पहले क्या कर्म करे कि मुक्ति का रास्ता प्रशस्त हो सके। भागवत माहात्मय का व्याख्यान तथा भक्ति ज्ञान वैराग्य का बहुत ही सुन्दर वर्णन करते हुए, परम श्रद्धेय अनुराग कृष्ण जी महाराज उर्फ पगड़ी वाले बाबा ने बताया कि, इस कलयुग में केवल भगवान का नाम जपने भर मात्र से ही, सहज रूप से भक्ति की प्राप्ति हो जाती है।

आपको बता दें कि रविवार 04 जनवरी से शुरू हुई यह भागवत कथा रोजाना संध्या 05 बजे से रात्री 09 बजे तक आयोजित की जाती है जो 11 फरवरी 2024 तक लगातार जारी रहेगी। मौके पर चंदन झा, संतोष ठाकुर, मनोज झा, संजय झा, सतेन्द्र मिश्रा, गणेश ठाकुर, सुनील मिश्रा, पंकज झा,सत्यनारायण चौधरी व विनोद झा सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।







