समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र में अपराधियों का दुस्साहस एक बार फिर सामने आया है। मुजफ्फरपुर–बरौनी नेशनल हाईवे 122 पर जनकपुर गांव के समीप शनिवार की शाम बाइक छीनने का विरोध कर रहे एक ग्रामीण को बदमाशों ने गोली मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। जिसे घायल युवक के परिजनों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से ईलाज के लिए जिला के एक निजि अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। वहीं घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

गोली लगने से जख्मी ग्रामीण की पहचान उजियारपुर थाना क्षेत्र के जनकपुर गांव निवासी, सीताराम सिंह के पुत्र शम्भू सिंह के रूप में की गई है। घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार 16 मई की देर शाम करीब 7:30 बजे, जनकपुर गांव के पास एनएच-122 पर एक बाइक सवार से, तीन बदमाश बाइक छीनने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार और तीनों बदमाशों के बीच एनएच 122 पर ही काफी देर तक उठापटक होती रही।
बताया जाता है कि सड़क किनारे अपने दरवाजे पर बैठे शम्भू सिंह की नजर जब इस घटना पर पड़ी तो, वह तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए, और बदमाशों का विरोध करने लगे। ग्रामीण के हस्तक्षेप से बदमाश बौखला गए। जिसके बाद बदमाशों ने बाइक सवार को छोड़ दिया, और विरोध कर रहे शम्भू सिंह को निशाना बनाते हुए गोली चला दी। जिसके बाद गोली लगते ही शम्भू सिंह घटनास्थल पर ही गिर पड़े। गोली मारने के बाद सभी बदमाश बाईक पर सवार होकर भाग निकले।
स्थानीय लोगों और परिजनों ने गंभीर रूप से जख्मी शम्भू सिंह को तत्काल इलाज के लिए समस्तीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार घायल की स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।
उधर घटना की सूचना मिलते ही उजियारपुर थाने की पुलिस तथा दलसिंहसराय एसडीपीओ विवेक कुमार शर्मा, घटनास्थल पर पहुंच मामले की जांच-पड़ताल में जुट हैं। हालांकि घटना को लेकर दलसिंहसराय एसडीपीओ विवेक कुमार शर्मा एवं उजियारपुर पुलिस फिलहाल कुछ भी स्पष्ट बताने से परहेज कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएच-122 पर लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं से लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी एवं हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। आपकों बता दें कि, जिस समय से उजियारपुर थानाध्यक्ष के रूप में अजीत कुमार ने पदभार संभाला है, तब से लेकर आज तक जो भी आपराधिक घटनाएं हुई हैं, एक भी घटना का उजियारपुर थानाध्यक्ष ने खुलासा नही किया है।
इसमें आश्चर्य वाली बात तो यह है कि, पुलिस विभाग के वरीय पदाधिकारी भी दर्जनों नहीं! सैकड़ों आपराधिक घटना होने व एक भी घटना का उद्भेदन नही होने के बाद भी इस तरह के पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ कोई एक्शन नही लेते हैं। जिसका नतीजा है कि, जिले के उजियारपुर ही नही अगर एक-दो थानाध्यक्षों को छोड़ दिया जाए तो, कमोबेश सभी थानाध्यक्ष केवल अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। कोई जिंदा रहे या कोई अपराधियों के गोली का शिकार हो जाए, इन्हें कोई मतलब ही नही है।







