अरविन्द कुमार/समस्तीपुर: उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत पतैली पश्चिमी पंचायत के वार्ड संख्या 03 में, षष्ठम वित्त मद द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-2023 में, महाराज महतो के कुआं के पास से देवनारायण सहनी के घर की ओर जाने वाली सड़क में, देव नारायण सहनी के घर के निकट बने आरसीसी पुल बनने के 1 वर्ष के अंदर ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।

यह पुल तैयार होने के एक वर्ष के अंदर ही पुरी तरह टूटने के कगार पर है। इसकी मुख्य वजह यह है कि, इस आरसीसी पुल की मोटाई एक इंच भी नही है। जिसके कारण इस ध्वस्त आरसीसी पुल से होकर आने जाने वाले लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है। यह आरसीसी पुल आसपास के दर्जनों वार्ड के लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। इस पुल की वजह से इस रास्ते से होकर एक भी भारी वाहन नही जा रहा है। इसके लिए लोगों को डेढ़ से दो किलोमीटर अतिरिक्त दुरी तय करनी पड़ती है।

स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो पिछले 1 वर्षों से इस आरसीसी पुल की ऐसी ही स्थिति है। जबकि कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधि को ध्वस्त पुल होने से हो रही परेशानियों से अवगत कराया गया है। लेकिन किसी ने अभी तक सुधि नहीं ली। जबकि निकट में ही मध्य विद्यालय, उच्च विद्यालय है। जहां दोनों तरफ से स्कूली छात्र-छात्राओं का भी आना-जाना लगा रहता है। फिर भी न तो स्थानीय प्रशासन का ध्यान इस ओर है न ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों का।

ज्ञात हो कि पास में ही उजियारपुर बाजार होने के कारण, आसपास के करीब आधा दर्जन गांव के लोगों का आना जाना भी लगा रहता है। वहीं इस बाबत पुछे जाने पर तत्कालीन पंचायत सचिव सीताराम रजक ने बताया कि, एक वर्ष पूर्व उन्होंने उस आरसीसी पुल का निर्माण षष्ठम वित्त मद से कराया था। पुल के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी उन्हें नही है। वहीं पतैली पश्चिमी पंचायत के वर्तमान पंचायत सचिव का बताना है कि, उन्हें इस मामले में कुछ जानकारी नही है। स्थल जांच के बाद ही वह कुछ बता सकते हैं।

वहीं इस बाबत पुछे जाने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी उजियारपुर डॉ भृगुनाथ सिंह ने बताया कि, उक्त मामले की जांच पंचायत सचिव से करायी जा रही है। मामला सत्य पाए जाने पर दोषी व्यक्ति के खिलाफ वरीय पदाधिकारी को रिपोर्ट किया जाएगा। आपको बता दें कि उक्त पंचायत में 12 लाख 44 हजार 5 सौ रूपए की लागत से उपरोक्त पीसीसी सड़क का निर्माण व आरसीसी पुलिया का निर्माण कराया गया। ज्ञात हो कि पतैली पश्चिमी पंचायत में जनप्रतिनिधियों के द्वारा मनरेगा कार्यों में भी काफी धांधली की बात सामने आ रही है।







