समस्तीपुर/कर्पूरीग्राम: कर्पूरीग्राम पंचायत अंतर्गत डढिया बेलार गाँव में, नगर निगम के द्वारा कथित रूप से शहर का कचरा फेंके जाने, और उसमें आग लगाए जाने से ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है। जमुआरी नदी पुल के समीप खाली पड़े स्थानों पर लगातार कचरा डंप किए जाने से इलाके में गंदगी और प्रदूषण तेजी से फैल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि, नगर निगम का कचरा वाहन शहर का कचरा लाकर यहां फेंक देता है, और बाद में उसमें आग लगा दी जाती है। जिससे निकलने वाला जहरीला धुआं पूरे गांव में फैल जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि, कचरे से उठने वाली दुर्गंध और विषैली गैसों के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, सिरदर्द और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार सुबह और शाम के समय धुएं का प्रभाव इतना अधिक होता है कि, लोगों का घरों से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि, प्रशासन की उदासीनता के कारण यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। वहीं, नदी किनारे कचरा फेंके जाने से पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है, और जल स्रोतों के भी प्रदूषित होने का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग किया है कि, जमुआरी नदी पुल के पास अवैध रूप से कचरा फेंकने पर तत्काल रोक लगाई जाए, तथा वहां जमा कचरे को वैज्ञानिक तरीके से हटाने की व्यवस्था की जाए। साथ ही दोषी लोगों और संबंधित एजेंसियों पर कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि, यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वहलोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेते हुए लोगों को जहरीले प्रदूषण से राहत दिलाने की मांग की है।







