अरविन्द कुमार/समस्तीपुर: जिला के विभिन्न सोशल मिडिया पर पिछले कुछ घंटों से एक विडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे उस विडियो में करीब एक दर्जन लोग बंधुआ मजदुरों की तरह खड़े हैं, और सामने अंग्रेजो के जमाने की तरह 2 पुलिस पदाधिकारी कुर्सी पर बैठकर लोकसभा चुनाव के बारे में जानकारी दे रहे हैं। उनके द्वारा लोकसभा चुनाव के बारे में जानकारी देने के तरीके से ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे वह लोगों को जानकारी कम और चुनाव आयोग के द्वारा दिए गए निर्देश की आड़ में धमकी ज्यादा दे रहे हैं।

सामने कुर्सी पर बैठे पदाधिकारी समझाने के लहजे से तो नही, लेकिन धमकी देने के लहजे में ही बताते हैं कि, चुनाव आयोग का सख्त निर्देश है कि, आदर्श आचार संहिता लागू रहने के कारण कहीं भी डीजे नही बजाया जाएगा। अगर डीजे कही भी बजता है तो, डीजे संचालक दंडित किए जाएंगे और उनके खिलाफ स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। हालांकि इस दौरान उक्त पदाधिकारी ने उन लोगों के बैठने के लिए कहीं एक जगह पर कोई व्यवस्था भी नही किया था। सभी लोग काफी देर तक थाना परिसर मे ही खड़ा रहकर उनकी बातें सुनते रहे। जब इस वायरल हो रहे विडियो के बारे में जानकारी प्राप्त की गयी तो, पता चला कि वायरल हो रहा यह विडियो समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर थाना परिसर का है, तथा विडियो में दिख रहे दोनों पुलिस पदाधिकारी ऑन ड्यूटी तैनात पुलिस अवर निरीक्षक राहुल कुमार, व मनोज कुमार बताए जा रहे हैं, तथा उन दोनों पुलिस पदाधिकारियों के चारों तरफ, अपने अपने हाथ बांधे खड़े लोग कल्याणपुर थाना क्षेत्र के कोई अपराधी या बदमाश नही, बल्कि स्थानीय थाना क्षेत्र के डीजे संचालक बताए जा रहे हैं, जो डीजे बजाकर ही अपना व अपने परिवार का पेट पालते हैं। थाना परिसर में आने वाले उन डीजे संचालकों को थाना के पदाधिकारियों द्वारा कहीं पर बैठने तक का व्यवस्था नही किया गया था, जो मानवता ही नही ईंसानियत को भी शर्मशार करते दिख रही है। जबकि पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर के निर्देशानुसार संभवतः सभी थाना में आगंतुक भवन/कक्ष का निर्माण कराया जा चुका है। जहां संबंधित पदाधिकारी का ईंतजार करने या अपना काम पुरा होने तक फरियादियों या अन्य आगंतुक को रूकने की व्यवस्था होती है। यही नही चुनाव आयोग के आदेश का हवाला देकर उन डीजे संचालक को ऐसे जानकारी दी जा रही है, जो कि जानकारी कम धमकी ज्यादा लग रहा। आपको बता दें कि जिला पुलिस अधीक्षक के द्वारा भले ही ज्यादातर थानों की कमान युवा पुलिस पदाधिकारियों को दे दी गयी है, लेकिन उन नवनियुक्त कुछ थानाध्यक्षों में नैतिकता का घोर अभाव दिख रहा है। ऐसे में पुलिस और पब्लिक के बीच मधुर संबंध स्थापित करना भी एक बड़ा सवाल बनता दिख रहा है। हालांकि वायरल हो रहे इस विडियो के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए जब, एएसपी सदर संजय कुमार पांडेय के सरकारी मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गयी तो, उनका नंबर आउट ऑफ नेटवर्क कवरेज एरिया रहने के कारण उनका पक्ष नही जाना जा सका। हालांकि वायरल हो रहे इस विडियो क्लीप के सत्यता की पुष्टि, बिहार की आवाज न्यूज पोर्टल नही करता है।







