अरविन्द कुमार/अमित कुमार/उजियारपुर:[समस्तीपुर] उजियारपुर प्रखंड से सटे निकसपुर पंचायत के चकदौलत गांव में संचालित, ज्ञान संगम कोचिंग सेन्टर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से कोचिंग परिसर में मौजूद लोगों ने, सैकड़ों की संख्या में फलदार वृक्ष के पौधे लगाए, तथा इस दौरान इस संस्थान में अध्ययनरत बच्चों को कॉपी, कलम व किताबें देकर सम्मानित भी किया गया।

इस दौरान इस कार्यक्रम में मौजूद बच्चों को संबोधित करते हुए, सेवानिवृत्त शिक्षक वैद्यनाथ पोद्दार ने कहा कि, जब से यह दुनिया बनी है तभी से इंसान और क़ुदरत के बीच गहरा रिश्ता रहा है, क्योंकि इंसानों को पेड़ों से ही पेट भरने के लिए फल-सब्यिां और अनाज मिलता रहा है। पेड़ों से ही तन ढकने के लिए पहने जाने वाला कपड़ा का कच्चा सामान भी मिलता रहा है। इसके अलावे घर के लिए लकड़ी, जिंदा रहने के लिए जीवनदायिनी ऑक्सीजन, व औषधियां भी पेड़ से ही मिलती रही हैं। पेड़ इंसान की जरूरत हैं, पेड़ हम सबके जीवन का आधार हैं। भारतीय समाज में आदिकाल से ही पर्यावरण संरक्षण को महत्व दिया गया है। भारतीय संस्कृति में पेड़-पौधों को पूजा जाता है। विभिन्न वृक्षों में अलग-अलग देवताओं का वास स्थान माना जाता है। वहीं निकसपुर पंचायत के उपमुखिया किसलय कुमार गुंजन ने कहा कि, मानव जीवन के लिए पेड़-पौधे बहुत जरूरी है। इसके बिना हम मानव जीवन की कल्पना तक नहीं कर सकते हैं। पेड़ पौधे मानव जीवन के साथ साथ पशु-पक्षियों के लिए भी जीवनदायिनी है। इसलिए पेड़ लगाना और उसकी सुरक्षा करना अति आवश्यक है। लेकिन विगत कुछ वर्षों में शहरों का विस्तार व आधुनिकता के नाम पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है। जिसके कारण पर्यावरण प्रदूषण बढ़ते जा रहा है, और मानव जीवन पर खतरा मंडराने लगा है। इस दौरान उपमुखिया किसलय कुमार गुंजन ने, कार्यक्रम में मौजूद बच्चों व स्थानीय लोगों से अपील करते हुए कहा कि, आप सभी सिर्फ विश्व पर्यावरण दिवस पर ही नहीं, वरन किसी भी शुभ अवसरों पर भी पौधारोपण करें तथा उसका संरक्षण करते हुए, पर्यावरण को शुद्ध करने में अपनी सहभागिता दें। मौके पर ज्ञान संगम कोचिंग सेन्टर के डायरेक्टर शिवम शांडिल्य, शिक्षकों में अंजय कुमार, रविकुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे।







