???? बिग ब्रेकिंग: शोभा की वस्तु बनी सदर अस्पताल में लगाया गया RO मशीन, पीने का पानी बाहर से खरीदकर लाने को मजबुर हैं मरीज के परिजन व अस्पताल कर्मी

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अरविन्द कुमार/नसीब लाल झा:[समस्तीपुर] सदर अस्पताल समस्तीपुर में, लाखों रुपए खर्च कर लगाए गए शीतल पेयजल मशीन शोभा की वस्तु बनी हुई है। सदर अस्पताल परिसर में लगा यह मशीन चालू होने के साथ ही बंद हो गया। सदर अस्पताल समस्तीपुर के परिसर में, इस मशीन को लगाने का मुख्य उद्देश्य ही यह था कि, भीषण गर्मी में यहां आने वाले मरीजों व उनके परिजनों को शुद्ध व शीतल पेयजल उपलब्ध कराया जा सके, लेकिन लाखों रूप्ये खर्च कर सदर अस्पताल में लगाया गया यह आर ओ मशीन, विगत कई माह से केवल सदर अस्पताल कैंपस की शोभा बढ़ा रही है। शीतल पेयजल के लिए लगाए गए इस आर ओ मशीन के खराब होने से, इसकी गुणवत्ता को लेकर भी अब सवाल उठने लगे हैं कि, आखिर इतने कम समय में इतनी महंगी मशीन खराब कैसे हो गयी। आपको बता दें कि विगत वर्ष भीषण गर्मी को देखते हुए, सदर अस्पताल स्थित ईमरजेंसी वार्ड के बगल में शीतल पेयजल आर ओ मशीन लगाई गई थी, इस मशीन के लगने से अस्पताल में भर्ती मरीज व उसके परिजनों को, तथा दूर दराज से सदर अस्पताल समस्तीपुर में इलाज कराने के लिए, आने वाले मरीजों को भी, इस भीषण गर्मी में कुछ दिनों तक काफी राहत मिली थी, लेकिन ठीक से एक माह भी यह आर ओ मशीन काम नही कर पाया, और इसने पानी देना बंद कर दिया। विगत कई माह से यह आर ओ मशीन यूं ही खराब पड़ा हुआ है। जिसे अभी तक मरम्मत भी नहीं कराया जा सका है। जिस कारण मरीज को इस भीषण गर्मी में पीने के पानी के लिए भी, इधर-उधर भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मरीज के साथ-साथ सदर अस्पताल कर्मियों का भी बुरा हाल है। इस आर ओ मशीन से पीने के पानी का सप्लाई पूरी तरह बंद होने के कारण, इस उमस भरी गर्मी में अस्पताल कर्मी भी पीने का पानी बाहर से खरीदने के लिए मजबुर हैं। वहीं मानसुन शुरू होने के साथ ही अस्पताल में मरीजों की संख्या भी पहले से अधिक बढ़ गई है। इस उमस भरी गर्मी में जब मरीज अस्पताल पहुंचते हैं तो, सबसे पहले वह पीने के पानी की तलाश करने लगते हैं, जो उन्हें मिल नही पाता है। हालात यह है कि, सदर अस्पताल में अपना ईलाज कराने के लिए आने वाले मरीज, पीने का पानी या तो बाजार से खरीद कर लाते हैं, या बोतलों में बंद कर अपने घर से ही लेकर सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे आश्चर्यजनक बात तो यह है कि, इतने बड़े सदर अस्पताल कैंपस में एक भी ऐसा चापाकल नहीं है, जो यहां आने वाले मरीजों की प्यास बुझा सके, हालांकि इससे संबंधित जानकारी के लिए जब सदर अस्पताल के डीएस डॉ गिरीश कुमार के मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो, उनका मोबाइल नंबर आउट ऑफ नेटवर्क कवरेज एरिया रहने के कारण, उनका पक्ष नही जाना जा सका। हालांकि अब देखना यह है कि, सदर अस्पताल प्रशासन खराब पड़े इस आर ओ मशीन को, कब तक मरम्मत कराकर पीने के पानी देने लायक बनवाती है।

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