???? बिग ब्रेकिंग: 33 करोड़ की लागत से बन रही सड़क, बनने के साथ ही उखड़ने लगी है सड़क, गिट्टी पर फिसल कर रोजाना गिर रहे बाइक सवार व साईकिल सवार राहगीर

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अरविन्द कुमार/अमित कुमार:(समस्तीपुर) जिले की सबसे बहुप्रतीक्षित सड़क बनने के साथ ही उखड़ने भी लगा है। जिस सड़क से आने जाने वाले राहगीर अक्सर अपनी बाईक व साईकिल का ब्रेक लगाने के बाद गिरकर चोटिल भी हो रहे हैं। हम बात कर रहे हैं DRM चौक समस्तीपुर से उजियारपुर प्रखंड मुख्यालय होते हुए सरायरंजन मुख्यालय के रास्ते ताजपुर तक जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क योजना की।

जहां इस सड़क निर्माण में निर्माण एजेंसी के द्वारा वृहत पैमाने पर धांधली किए जाने का मामला सामने आ रहा है। जहां DRM चौक से ताजपुर तक बनने वाली इस 29 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में अभी से ही भ्रष्टाचार की बू आनी शुरू हो गयी है।

क्योंकि उजियारपुर प्रखंड मुख्यालय से 100 मीटर की दूरी पर स्थित पेट्रोल पंप चौक के पास बनने के साथ ही यह सड़क जगह-जगह से उखड़ने लगी है। उजियारपुर पेट्रोल पंप मोड़ पर सड़क उखड़ने के कारण बाईक सवार व साईकिल सवार राहगीर उसे देख नही पाते हैं और ब्रेक लेने के बाद सड़क पर बिछाई गई गिट्टी पर फिसलने के कारण अक्सर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।

स्थानीय ग्रामीणों का बताना है कि, यह कैसी सड़क है जिसके निर्माण कार्य के दौरान ना तो मैटेरियल की गुणवत्ता का ख्याल रखा जा रहा है, और न ही सड़क निर्माण के सभी प्रमुख मापदंडों का सही से पालन ही किया जा रहा है। वहीं, गिट्टी व बिटुमिन की परत उखड़ने के कारण यह सड़क अब हादसों की सड़क बनने की ओर अग्रसर है।

इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों में तीन से चार दोपहिया वाहन सवार व साईकिल सवार अचानक संतुलन बिगड़ने से फिसल कर गिर रहे हैं, क्योंकि इन वाहन सवारों को दूर से उखड़ी हुई गिट्टी नजर नहीं आती है, और नजदीक आने पर जैसे ही वह ब्रेक लगाते हैं, वाहन का चक्का उखड़ी हुई गिट्टी पर फिसल जाता है।

जबकि इस मार्ग से होकर रोजाना वीवीआईपी लोगों के साथ साथ प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों का भी आना जाना लगा रहता है। बावजूद किसी का ध्यान इस ओर नही जाता है। जबकि इस मार्ग में ही प्रखंड मुख्यालय का अंचल कार्यालय, प्रखंड कार्यालय के साथ अन्य सभी कार्यालय भी स्थित हैं, लेकिन शायद उनलोगों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं है, क्योंकि आने जाने में परेशानी तो आम आदमी को है, जो रोजाना ऑटो, ई-रिक्शा या दोपहिया वाहनों में सफर करता है।

आपको बता दें कि सड़क निर्माण कार्य के शिलान्यास का करीब 8 माह पुरे हो चुके हैं, लेकिन सड़क निर्माण से संबंधित ड्रॉइंग का बोर्ड तक नही लगाया गया है। जिसके कारण किसी को भी यह जानकारी नही है कि, सड़क का निर्माण कार्य कितने लेयर में करना है।

वहीं इस संबंध में स्थानीय समाजसेवी चंदन कुमार का बताना है कि, जिस स्थान पर सड़क टूट रही है तथा उखड़ रही है वहां पर पहले से ही जल जमाव था, लेकिन निर्माण एजेंसी के मजदुरों द्वारा उसकी अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य को पुरा कर दिया गया। जिसके कारण उक्त स्थान पर सड़क उखड़नी शुरू हो गयी है, जो निर्माण एजेंसी के लोगों की लापरवाही को दर्शाती है।

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