उजियारपुर में मेडिकल दुकान की आड़ में बेची जाती है नशीली दवाएं, वायरल वीडियो ने उठाए सवाल, स्वास्थ्य विभाग बना अंजान

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समस्तीपुर। विगत कुछ माह से सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस विडियो में, एक मेडिकल दुकानदार कथित तौर पर बिना चिकित्सकीय पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) के प्रतिबंधित कफ सिरप और नशीली कैप्सूल बेचता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में दुकानदार एक कैप्सूल की कीमत 15 रुपये बताते हुए भी सुनाई दे रहा है। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, तथा स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

वायरल वीडियो उजियारपुर थाना क्षेत्र के गावपुर योगी चौक स्थित हिमांशु मेडिकल की बताई जा रही है। जहां मेडिकल दुकान संचालक मेडिकल स्टोर की आड़ में, बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के नशीली एवं प्रतिबंधित दवाओं की खुलेआम बिक्री कर रहा है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, और न ही संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई आधिकारिक बयान ही जारी किया गया है।

मेडिकल विभाग से जुड़े जानकारों का बताना है कि, कई प्रकार के कफ सिरप एवं नशीली दवाएं, केवल चिकित्सक के पर्चे पर ही बेची जा सकती हैं। बिना प्रिस्क्रिप्शन ऐसी दवाओं की बिक्री करना औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, का उल्लंघन माना जाता है। इसके बावजूद यदि वीडियो में दिखाया गया मामला सही है तो, यह स्वास्थ्य व्यवस्था और दवा नियंत्रण तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कुछ मेडिकल दुकानों द्वारा खुलेआम नशीली दवाओं की बिक्री किए जाने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। संबंधित विभाग की उदासीनता के कारण ऐसे कारोबारियों का मनोबल बढ़ता ही जा रहा है।

वहीं कुछ सूत्रों का दावा है कि, इस प्रकार के अवैध कारोबार में संलिप्त लोग कार्रवाई से बचने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को पहले से ही चढ़ावा पहुंचा देते हैं। हालांकि इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो यह मामला केवल अवैध दवा बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विभागीय जवाबदेही का भी विषय बन सकता है।

क्षेत्र के कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पहचान उजागर नही करने के शर्त पर बताया कि, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के पीछे इस प्रकार की अवैध बिक्री भी एक बड़ा कारण हो सकता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग, औषधि निरीक्षक एवं प्रशासन को इस तरह के मामले का संज्ञान लेकर सत्यता की जांच करनी चाहिए, साथ ही वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच करते हुए दोषी लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल वायरल वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। अब स्थानीय लोगों की निगाहें स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन पर जा टिकी हैं कि, वह इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए किस प्रकार की कार्रवाई करते हैं।

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