पटना/बिहार। बिहार में सोशल मीडिया पर एक वीडियो विगत कुछ घंटों से बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें एक व्यक्ति एक पुलिसकर्मी के हाथ से पिस्तौल लेकर, हवाई फायरिंग करता हुआ दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि, फायरिंग करने वाला व्यक्ति एक राजनीतिक दल का प्रवक्ता और केंद्रीय मंत्री का सलाहकार दानिश रिजवान है।

जिसके बाद वीडियो को लेकर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। इस वायरल हो रहे विडियो के संबंध में आम लोगों का कहना है कि, आखिर किस आधार पर किसी नागरिक या नेता को, पुलिस के सरकारी हथियार का इस्तेमाल करने दिया गया। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सुरक्षा मानकों के साथ भी खिलवाड़ है।
कानूनी जानकारों का बताना है कि, किसी भी सरकारी हथियार का दुरुपयोग करना, या उसे किसी अन्य व्यक्ति को देना, भारतीय कानून के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में संबंधित पुलिसकर्मी और हथियार का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति, दोनों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। अब इस पूरे मामले को लेकर सबकी निगाहें बिहार पुलिस की कार्रवाई पर जा टिकी हैं।
लेकिन सवाल यह है कि, क्या पुलिस इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू करेगी ? अगर जांच में दानिश रिजवान के खिलाफ सबूत मिलते हैं तो क्या, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई बिहार पुलिस करेगी ? या फिर मामला यूं ही ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, वीडियो की सत्यता और घटना के समय-स्थान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन यह मामला सामने आने के बाद सरकार और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठना लाजमी है।
हालांकि कानून के जानकारों का बताना है कि, अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह घटना कानून के शासन पर सीधा सवाल है। अब देखना यह होगा कि बिहार पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाता है ?







