सड़क हादसे के बाद बवाल, युवक की मौत पर अस्पताल में तोड़फोड़ और NH-322 जाम

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समस्तीपुर। जिले के सरायरंजन थाना क्षेत्र में शुक्रवार 29 मई को एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद जमकर हंगामा हुआ। खालिसपुर स्थित अर्बन केयर हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक किशोर की मौत हो जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी, तथा NH-322 पर शव रखकर एनएच को जाम कर दिया। घटना के बाद इलाके में घंटों अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरायरंजन थाना क्षेत्र के बरुना रसलपुर निवासी लालबाबू राय का 16 वर्षीय पुत्र अमन कुमार यादव कोचिंग पढ़कर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान बरुना पुल की ओर से आ रही तेज रफ्तार अनियंत्रित बाईक सवार युवक ने SH-88 पर, पीपल के पेड़ के समीप उसे जोरदार ठोकर मार दी। दुर्घटना में अमन गंभीर रूप से घायल हो गया और सड़क पर गिर पड़ा।

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता दिखाते हुए घायल अमन को आनन-फानन में खालिसपुर स्थित अर्बन केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के समय अमन की सांस चल रही थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने बिना समुचित इलाज किए उसे मृत घोषित कर दिया। इस बात को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अस्पताल में समय रहते बेहतर इलाज मिलता तो शायद अमन की जान बच सकती थी। ग्रामीणों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते आक्रोशित लोगों की भीड़ ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद लोगों ने अमन के शव को NH-322 पर रखकर सड़क जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

हालांकि बाद में परिजन और कुछ ग्रामीण अमन को लेकर समस्तीपुर गए, जहां चिकित्सकों ने उसे अंतिम रूप से मृत घोषित कर दिया। इसके बाद लोगों का आक्रोश और बढ़ गया तथा अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही सरायरंजन थानाध्यक्ष धनंजय कुमार, मुसरीघरारी थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार यादव तथा हलई थानाध्यक्ष शैलेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस प्रशासन ने लोगों को शांत कराया, और सड़क जाम हटवाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं ग्रामीण अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। उधर अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गयी, लेकिन अस्पताल में किसी कर्मी के नही होने के कारण उनका पक्ष नही जाना जा सका।

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