
समस्तीपुर, 06 सितंबर 2026। बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे समस्तीपुर जिले के हसनपुर-धमौन क्षेत्र का रविवार 06 सितम्बर को प्रभारी सचिव प्रणव कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। प्रणव कुमार बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग के सचिव भी हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। निरीक्षण दल में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) राजेश सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी तथा बाढ़ प्रमंडल के अधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
राहत में किसी तरह की कोताही नहीं
प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल, दवा एवं अन्य जरूरी सामग्री मिलने में कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने नाव व नाविकों की उपलब्धता, गोताखोरों की तैनाती, सामुदायिक रसोई के संचालन और राहत सामग्री वितरण की स्थिति की जानकारी ली तथा जरूरत के अनुसार अतिरिक्त संसाधन मुहैया कराने के निर्देश दिए।
पशुओं के चारे से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक
पशुपालन पदाधिकारी को बाढ़ प्रभावित पशुपालकों तक पर्याप्त चारा पहुँचाने के निर्देश दिए गए। वहीं, सिविल सर्जन को आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मेडिकल टीम तैनात रखने को कहा गया, ताकि बाढ़ पीड़ितों को स्वास्थ्य सेवाएँ मिलने में कोई रुकावट न हो।
तटबंधों पर सतत निगरानी के आदेश
बाढ़ प्रमंडल के अधिकारियों को तटबंधों एवं संवेदनशील स्थलों पर लगातार नजर रखने तथा कटाव या किसी भी क्षति की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC) को 24×7 सक्रिय रखते हुए पूरे जिले में बाढ़ की स्थिति की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने प्रभारी सचिव को बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य निरंतर जारी हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभारी सचिव ने अपने दौरे के अंत में सभी अधिकारियों को कड़े शब्दों में कहा कि आम जनों की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।







