
अरविन्द कुमार/उजियारपुर: बिहार के समस्तीपुर जिला में विगत 15 दिनों से, हाड़ कपाती ठंड एवं भीषण शीतलहर लगातार जारी है। बाबजूद जिला मुख्यालय के कुछ प्रमुख स्थानों पर, तथा ज्यादातर प्रखंड मुख्यालयों के किसी भी स्थानों पर, सरकारी अलाव की व्यवस्था नहीं की गयी है। इन्हीं में से एक है उजियारपुर प्रखंड। जहां इस हाड़ कपाती ठंड व भीषण शीतलहर के बाद भी, उजियारपुर अंचलाधिकारी के तरफ से प्रखंड के एक भी स्थान पर, अलाव की व्यवस्था नही की गयी है। जिसके कारण स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। यही नही जिला मुख्यालय के भी ज्यादातर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर, प्रशासन के तरफ से कोई अलाव की व्यवस्था नही की गयी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विगत वर्ष इस तरह की हाड़ कंपाती ठंड से पहले ही, जिला प्रशासन के द्वारा, प्रशासनिक स्तर से जिला मुख्यालय के विभिन्न चौक चौराहों पर अलाव की समुचित व्यवस्था करा दिया जाता था, लेकिन इस वर्ष 3 जनवरी से ही शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है, बावजूद जिला प्रशासन के द्वारा भी जिला के सभी प्रमुख चौक चौराहों पर अलाव की व्यवस्था नही की गयी है। जिसके कारण समाहरणालय परिसर में ड्यूटी पर तैनात गार्ड, पेड़ों से लकड़ी व हरे हरे पत्ते को जलाकर इस ठंड से बचने की नाकाम कोशिश करता देखा गया। इसी प्रकार जिला मुख्यालय से सटे करीब 10-12 किलोमीटर की दुरी पर स्थित, उजियारपुर प्रखंड के भी ज्यादातर चौक चौराहों पर उजियारपुर सीओ के द्वारा, अलाव की व्यवस्था नही की गयी है। हालांकि सुत्रों का बताना है कि, जिला प्रशासन के द्वारा जिला के सभी अंचलाधिकारी को प्रमुख स्थानों व सार्वजनिक स्थानों के साथ साथ अस्पताल परिसरों में भी, ठंड से बचाव के लिए अलाव की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है, बावजूद उजियारपुर में एक भी स्थानों पर अलाव की व्यवस्था नही की गयी है। प्रखंड के उजियारपुर बाजार, सातनपुर चौक, गावपुर योगी चौक, शंकर चौक, महिसारी चौक, बेलारी हाईस्कूल चौक, अनगारघाट चौक, अनगारघाट थाना चौक, सर्वोदय चौक, सुंदरी चौक सहित अन्य चौक चौराहों पर भी, अलाव की व्यवस्था होना अति आवश्यक है, क्यों कि यहां से हजारों लोगों का आवागमन रोजाना होता रहता है। लेकिन उजियारपुर अंचल प्रशासन अपने अंचल कार्यालय में बिजली का हीटर लगाकर आराम से चैन की नींद सो रही है। अंचल क्षेत्र में इस भीषण शीतलहर में लोग कैसे अपना जीवन गुजर बसर कर रहे हैं, इससे उन्हें कोई मतलब नही दिख रहा है। सबसे खराब हालत प्रखंड मुख्यालय स्थित, आरटीपीएस काउंटर की है। जहां रोजाना सैकड़ों की संख्या में प्रखंड क्षेत्र के लोग राशन कार्ड से संबंधित काम से आते हैं, और इस हाड़ कपाती ठंड में घंटो आरटीपीएस काउंटर पर खड़ा होकर, थरथराते हुए राशन कार्ड से संबंधित आवेदन जमा कराकर वापस चले जाते हैं। उधर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उजियारपुर में भर्ती मरीज के परिजनों ने बताया कि, अलाव नहीं रहने के कारण ठंड में अस्पताल में रात गुजारना काफी कष्टदायक हो गया है। हालांकि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को जैसे ही इस बात की जानकारी हुई, तत्काल उन्होंने कार्यालय के सामने लगे सुखे पेड़ को कटवाकर, अस्पताल परिसर में अलाव का व्यवस्था करवा दिया। वहीं इस संबंध में जानकारी के लिए जब उजियारपुर सीओ अजीत कुमार झा के सरकारी मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गयी तो, उनका नंबर आउट ऑफ नेटवर्क कवरेज एरिया रहने के कारण संपर्क नही हो सका। हालांकि उजियारपुर प्रखंड क्षेत्र के हालात को देखकर, यह अंदाजा तो लगाया ही जा सकता है कि, उजियारपुर सीओ को उजियारपुर के लोगों से कोई मतलब ही नही है। तब तो उनके द्वारा अभी तक प्रखंड क्षेत्र में कहीं भी अलाव की व्यवस्था नही की गयी है, जो उनके तमाम दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।







