रामरूप राय/समस्तीपुर: मोहिउद्दीननगर प्रखंड अंतर्गत थाना चौक के पास, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्थानीय सेवाकेंद्र में, 88वां त्रिमूर्ति शिव जयन्ती महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शिव जयंती समारोह का उद्घाटन समस्तीपुर जिला के प्रमुख व्यवसायी सतीश चांदना, बीके सविता बहन, बीके ओम प्रकाश, समाजसेवी मनीष चौधरी एवं स्थानीय गायत्री परिवार की प्रमुख विमला देवी ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया।

इस दौरान आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए, बीके ओम प्रकाश ने कहा कि, परमात्मा का अज्ञानता की अंधियारी रात में दिव्य अवतरण होता है, इसलिए इस पर्व को शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। आज जो मनुष्य के जीवन में दुःख, अशांति, चिंता, भय, निराशा आदि का अंधकार व्याप्त है, उससे केवल परमात्मा के द्वारा बताए गए मार्ग पर चलकर ही सदा काल के लिए मुक्ति पाई जा सकती है। जितना हम राजयोग द्वारा उनसे संबंध जोड़ते हैं, उतना हमें इन गुणों की अनुभूति होने लगती है, आत्मा शुद्ध होने लगती है। फलस्वरूप 21 जन्मों के लिए नई सतयुगी दुनिया में देवतुल्य जीवन प्राप्त करती है और सुख-शान्ति-समृद्धि की अधिकारी बनती है। समस्तीपुर से पधारी बीके सविता बहन ने उपस्थित लोगों को इस पावन दिवस की बधाई देते हुए कहा कि, शिवलिंग निराकार परमपिता परमात्मा शिव के ज्योति स्वरूप का यादगार है। उनके ऊपर भांग-धतूर आदि विषैली चीजें चढ़ाने का तात्पर्य है- अपनी बुराइयां परमात्मा को अर्पित करना। जलाभिषेक करना परमात्मा के प्रति हमारी समर्पणमयता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यदि हम इस प्रकार सही अर्थों में इस महान त्योहार को मनाएं तो भोलेनाथ शिव बाबा प्रसन्न होकर हमें नए सतयुगी दुनिया में चलने का वरदान देंगे। जहां हमारी काया निरोगी, जीवन धन-धान्य संपन्न और संबंध अति सुखदायी होंगे। यही समय है भगवान से अपना सत्य संबंध जोड़ने का। समस्तीपुर के प्रमुख व्यवसायी सतीश चांदना ने कहा कि, ईश्वरीय विश्व विद्यालय विश्व शान्ति स्थापना में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आज के समय में चिंता, निराशा, भय, दुःख बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे समय पर आध्यात्मिक ज्ञान और मेडिटेशन के द्वारा लोगों का बड़ा भला हो सकता है, जो यह संस्थान अपने विश्वव्यापी सेवाकेंद्रों के माध्यम से भली-भांति कर रहा है। मौके पर बृजेश खत्री, राजवीर, शशि रंजन, अनिल आदि उपस्थित थे।







