अरविन्द कुमार/समस्तीपुर/उजियारपुर: समस्तीपुर खगड़िया रेलखंड के भगवानपुर देसुआ स्टेशन के पास, बुधवार 13 मार्च की अहले सुबह करीब 04:45 बजे, एक मालगाड़ी का इंजन कुछ बोगी सहित बेपटरी हो गया। जिसके कारण इस रेलखंड पर घंटों तक परिचालन बाधित रहा। इधर ट्रेन के डिरेल होने की सुचना जैसे ही रेलवे के आला अधिकारियों को मिली रेल महकमा में हरकंप मच गया। आनन फानन में रेल विभाग के वरीय पदाधिकारी घटनास्थल पर पहुंच राहत व बचाव कार्य में जूट गए हैं। करीब तीन घंटो तक सैकड़ों रेलकर्मियों के द्वारा युद्ध स्तर राहत व बचाव कार्य चलाने के बाद उक्त पथ पर परिचालन बहाल कराया जा सका।

इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह 04:45 बजे, समस्तीपुर से एफसीआई का मालगाड़ी कटिहार के लिए चला था। जिसे अगले स्टेशन भगवानपुर देसुआ में पीछे से आ रही, राजधानी एक्स को रन थ्रू भेजने के लिए एफसीआई मालगाड़ी को प्लेटफार्म संख्या 01 पर रुकने का सिंगनल दिया गया था, लेकिन मालगाड़ी का चालक ट्रेन को रोकने के बजाय आगे बढ़ाता चला गया। जिसके कारण मालगाड़ी का ईंजन ट्रैक अवरोधक को तोड़ते हुए समपाट फाटक संख्या 34 सी के पास पहुंच कर जमीन में धंस गयी। इस दौरान मालगाड़ी के कई बॉगी भी पटरी से उतरकर जमीन में धंस गई। इसकी सुचना जैसे ही रेल विभाग को मिली अफरातफरी मच गयी। विभाग के वरीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच, रेस्कयू में जूट गए थे। इस दौरान समस्तीपुर स्टेशन व अंगारघाट व रोसड़ा स्टेशन पर भी कई ट्रेन के खड़े होने की सुचना है। बाद में अन्य सभी गाड़ियों को अलग अलग स्टेशन पर रोककर दुर्घटनाग्रस्त इंजन व बोगी को रेशक्यू करने में रेलकर्मी जुट गए। हालांकि इस दौरान हादसाग्रस्त ईंजन से बॉगी को अलग कर किसी अन्य ईंजन की मदद से गंतव्य की ओर भेज दिया गया। हालांकि इस हादसे के प्रथमदृष्टया चालक की लापरवाही प्रतीत होती दिख रही है। हालांकि एफसीआई मालगाड़ी के चालक मोहम्मद आलम व उपचालक ओ एन ठाकुर का बताना है कि, समपार फाटक संख्या 34सी के पास एलईडी स्ट्रीट लाइट लगी हुई है। उसके पास ही रेलवे ट्रैक के बगल में सिग्नल था। एलईडी लाईट की चमक ज्यादा रहने के कारण उन्हे सिग्नल का लाईट समझ में नही आया। हालांकि इस दौरान उन्होंने ब्रेक भी लिया था, चूंकि ट्रेन पर 5600 टन माल लोड था, इसलिए उन्होने आपातकालीन ब्रेक नही लगायी। जिसके कारण यह हादसा हो गया। इस दौरान भगवानपुर देसुआ के स्टेशन मास्टर व मौके पर मौजूद एक भी पदाधिकारी कुछ भी जानकारी देने से परहेज करते देखे गए।







