अरविन्द कुमार/समस्तीपुर: जिला के विभिन्न सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर एक Whatsapp ग्रूप के मैसेज का एक Screeshot काफी तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें एक जाति विशेष के बारे मे जानकारी देते हुए, यह लिखा हुआ कि, “उनलोगों के द्वारा एक गरीब, निरीह, अल्पसंख्यक व लाचार महिला के घर को तोड़कर नाजायज तरीके से जबरन उस जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। जिसमें स्थानीय पुलिस प्रशासन भी मिली हूई प्रतीत होती है। अगर प्रशासन के द्वारा त्वरित कार्रवाई नही की जाती है तो, उक्त स्थान पर नाजायज कब्जा हो जाएगा”। वायरल हो रहा यह मैसेज “नशा मुक्त समस्तीपुर” नामक ग्रूप से Screeshot लेकर वायरल किया गया प्रतीत होता।

हालांकि देखते ही देखते कुछ घंटों में ही यह Screeshot मैसेज जिला के कई अलग -अलग Whatsapp ग्रूप में शेयर किया जाने लगा तथा ट्रेंड में आ गया। जिस Screeshot से संबंधित कुछ खबरें भी, अनुमंडलाधिकारी पटोरी को निशाना बनाते हुए प्रकाशित कर दी गयी। इस Screeshot पर होते हंगामा को देखकर हमारी टीम ने जब इस वायरल Screeshot के बारे में जानकारी इक्ट्ठा करना शुरू किया तो पता चला कि, यह मैसेज अनुमंडलाधिकारी पटोरी विकास कुमार पांडे के सरकारी मोबाइल नंबर से “नशा मुक्त समस्तीपुर” नामक एक Whatsapp ग्रूप में शेयर किया गया। जब उस Screeshot वाले मैसेज को ध्यानपूर्वक देखा गया तो, उस Screeshot से ही स्पष्ट हो रहा था कि। यह मैसेज SDO पटोरी के द्वारा लिखा गया नही है, बल्कि वह Forwarded मैसेज है। वहीं इस संबंध मे विस्तृत जानकारी के लिए जब SDO पटोरी से उनके सरकारी मोबाइल नंबर पर संपर्क स्थापित किया गया, और उनसे इस संबंध में बातचीत की गयी तो, उन्होंने बताया कि, पटोरी अनुमंडल अंतर्गत एक गांव के एक व्यक्ति ने, उनके सरकारी मोबाइल के Whatsapp पर यह मैसेज डालकर सहायता की मांग की थी। जिस मैसेज को उन्होंने CO साहब पटोरी व SHO साहब पटोरी को सीधा फॉरवर्ड कर दिए। शायद इसी दौरान यह मैसेज धोखे से किसी अन्य ग्रूप में चला गया, जिससे उनकी भावनाएं आहत हो गयीं है, हालांकि यह मैसेज उनके द्वारा तैयार किया हुआ नही था। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि, CO और SHO सरकारी स्तर पर उनके अपने ही अंग हैं, तो क्या कोई अपने ही विभाग के लोगों को या अपने-आप को इस तरह से संबोधित करेगा ? शायद कभी नही। इस दौरान SDO पटोरी ने धोखे से Forward हुए उक्त मैसेज पर खेद जताया है, तथा सभी मिडिया बंधू तथा स्थानीय लोगों व उक्त जाति विशेष के लोगों से अपील भी किया है कि, इस मामले को ज्यादा तूल ना दें, क्योंकि इस प्रकार की मानवीय भूल किसी से भी हो सकती है।







