???? बिग ब्रेकिंग: मुसरीघरारी थाना भवन के सामने बगैर डॉक्टरी जांच के काटा जाता है बकरा, मुर्गा व मुर्गी का मांस, स्थानीय पुलिस बेखबर, संक्रमण व बीमारी का बना रहता है खतरा

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अरविन्द कुमार/समस्तीपुर: मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के पटोरी रोड में, बकरे का मांस बिक्री करने वाले बूचड़ खुलेआम विभागीय आदेश व उसके गाइडलाइन का उल्लंघन कर रहे हैं। हालांकि इस मामले में स्थानीय प्रशासन भी बिलकुल लापरवाह है। मुसरीघरारी थाना के सामने ही बकरे का मांस काटने वाले बुचड़ कर्मी बीमार बकरे व मुर्गे का मांस काटकर बेच देता है, और दो कदम की दुरी पर बैठी मुसरीघरारी पुलिस चुपचाप इसे देखती रहती है।

ज्ञात हो कि विभागीय आदेशानुसार किसी भी बीमार बकरे व मुर्गे का मांस बगैर पशु चिकित्सक के द्वारा जांच किए बिना बिक्री नही किया जाना है, लेकिन यह बुचड़ बाले बिना निबंधन के ही सड़क किनारे बूचड़खाना खोल कर खुले में मुर्गा, मुर्गी व बकरे का मांस बेचते रहते हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस इसे कुछ नही करती है।

हालांकि सुत्रों का बताना है कि, इसके बदले मुसरीघरारी पुलिस को मोटी रकम का चढ़ावा भी दिया जा रहा है। आपको बता दें कि, मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के ताजपुर रोड, दलसिंहसराय रोड, पटोरी रोड तथा समस्तीपुर रोड में खुलेआम इस तरह के दो दर्जन से अधिक बूचड़ हैं, जहां बकरे का मांस काटकर बेचा जाता है। जिसमे सबसे ज्यादा बकरा व मुर्गा मुर्गी काटने वाला बूचड़ पटोरी रोड स्थित थाना के सामने से लेकर मुसरीघरारी चौक तक है।

आपको बता दें कि पीसी एक्ट के मुताबिक किसी भी बकरा को काटने से पूर्व उसका जांच पशु चिकित्सक से कराकर जांच प्रमाण पत्र लेना आवश्यक हैं, लेकिन मुसरीघरारी थाना क्षेत्र में सरकार के इन आदेशों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, तथा बिना निबंधन के ही सड़क किनारे धड़ल्ले से मांस की बिक्री हो रही है।

जिसके कारण सरकार को भी प्रत्येक वर्ष लाखों रूप्ये के राजस्व की क्षति हो रही है। हालांकि बकरा काटे जाने वाले बूचडख़ाना के कारोबार से जुड़े लोगों का बताना है कि, बकरा काटे जाने के एवज में प्रशासन से जुड़े लोगों को भी वह नजराना प्रत्येक दिन देते हैं।

बूचडख़ाना नहीं होने के कारण ही वह लोग खुले में ही बकरा को काटने व उसके मांस को बेचने को विवश हैं। खुले में मांस बेचे जाने के कारण संक्रमण व बीमारी का खतरा भी बना रहता है।

नियम के मुताबिक सड़क किनारे व धार्मिक स्थलों के आस पास बूचड़ की दुकान नहीं होनी चाहिए। लेकिन मुसरीघराली में इसका भी उल्लंघन किया जा रहा है।

हालांकि इस बाबत पुछे जाने पर जिला पशुपालन पदाधिकारी का बताना है कि, बकरे व मुर्गा, मुर्गी का मांस बिना प्रमाणपत्र नहीं बेचा जा सकता है।

अगर कोई ऐसा करता है तो, वह कानूनन अपराध है। यही नही बूचड़खाने में बकरा को काटे जाने से पूर्व, पशु चिकित्सक से हेल्थ सर्टिफिकेट लेना भी आवश्यक है, लेकिन एक भी ऐसे बूचड़ वाले इन नियमों का पालन नही करते हैं।

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