अरविन्द कुमार/समस्तीपुर: उजियारपुर थाना क्षेत्र में होलिका दहन से लेकर होली का त्योहार मनाए जाने तक में, थाना क्षेत्र के तीन अलग अलग गांवों में हुई हिंसक झड़प में, करीब डेढ़ दर्जन लोग जख्मी हो गए हैं। इस झड़प में घायल हुए सभी लोगों को ईलाज के लिए प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उजियारपुर में भर्ती कराया गया। जहां घायलों में 4 लोगों की गंभीर हालत को देखते हुए, प्राथमिक उपचार के बाद उन चारों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए, सदर अस्पताल समस्तीपुर रेफर कर दिया गया। जहां उसका ईलाज किया जा रहा है।

हिंसक झड़प में घायल हुए लोगों की पहचान भगवानपुर देसुआ गांव निवासी, प्रिंस कुमार, फूलो देवी, रूपेश कुमार व आयुष आनंद, जबकि चांदचौर डीह गांव निवासी, निर्धन महतो, रजनी देवी, राजीव कुमार, दीपक कुमार, छोटू कुमार, शक्ति कुमार व वीणा देवी तथा शिवनगर गांव निवासी अंजलि कुमारी, खुशबु कुमारी व पिन्टू कुमार, तथा चांदचौर गांव निवासी गणेश सिंह के पुत्र नवीन कुमार के रूप में की गयी है। सभी जख्मियों के बारे में जानकारी देते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उजियारपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आर के सिंह ने बताया कि, उपरोक्त सभी जख्मी लोग रविवार 24 मार्च से सोमवार 25 मार्च की देर रात तक हुई मारपीट व हिंसक झड़प की घटना में घायल होने के बाद, सीएचसी में ईलाज के लिए भर्ती हुए थे। घायलों में गंभीर रूप से घायल करीब 1 दर्जन लोगों को, गंभीर अवस्था में ईलाज के लिए, सदर अस्पताल समस्तीपुर रेफर कर दिया गया है। हालांकि इस संबंध में उजियारपुर थाना सुत्रों ने बताया कि, उक्त घटना में करीब 4-5 प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि इस संबंध में जानकारी के लिए जब, उजियारपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के सरकारी मोबाइल नंबर पर कॉल किया गया तो, पुरा रिंग जाने के बाद भी उन्होंने कॉल रिसीव नही किया। जिसके कारण थानाध्यक्ष का पक्ष नही जाना जा सका। हालांकि इस घटना के बाद से थाना क्षेत्र के विभिन्न चौक चौराहों पर यह चर्चा आम हो गयी है कि, उजियारपुर थाना क्षेत्र के चार गावों में हुई हिंसक झड़प का मुख्य कारण उजियारपुर थानाध्यक्ष का ओवर स्मार्ट बनना बताया जा रहा है। थाना क्षेत्र के सुत्रों का बताना है कि, समस्तीपुर जिला के सभी थानाध्यक्षों ने अर्द्धसैनिक बलों के साथ होलिका दहन तक करीब 4-6 बार फ्लैग मार्च निकाल दिया था। जिसके कारण उजियारपुर थाना क्षेत्र को छोड़कर बांकी सभी थाना क्षेत्रों में होली का यह पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया, केवल उजियारपुर थाना क्षेत्र में ही हिंसक झड़प हुई, जिसमें डेढ़ दर्जन से अधिक लोग जख्मी हो गए। अगर उजियारपुर थाना क्षेत्र में भी फ्लैग मार्च निकाला गया रहता तो, उस फ्लैग मार्च से असमाजिक व आपराधिक तत्व के लोगों के बीच भय व्याप्त रहता, और आज यह घटना नही होती।









