अरविन्द कुमार/समस्तीपुर:[ बिहार की आवाज ] जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल परिसर में, भवन निर्माण के लिए रखे गए सरिया को, चोरी करके ट्रैक्टर पर लोड कर ले जा रहे दोनों ट्रैक्टर को सरिया समेत भवन निर्माण के ठेकेदार के मुंशी ने पकड़ लिया, तथा इसकी सूचना नगर थाना और डायल नंबर 112 को दिया। जिसके बाद नगर थाने की पुलिस सदर अस्पताल पहुंच ट्रैक्टर चालक को हिरासत में लेकर थाने लेती चली गई। इस दौरान चोरी का सरिया लोड कर ले जा रहा दुसरा ट्रैक्टर समस्तीपुर जितवारपुर बाईपास पर बांध किनारे मोक्ष धाम के पास ठेकेदार के लोगों ने पकड़ लिया, तथा इसकी सूचना नगर थाने की पुलिस को दिया।

सुचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची नगर थाने की पुलिस, दुसरे ट्रैक्टर को भी अपने कब्जे में कर अग्रेतर कार्रवाई में जूट गयी है। घटना के संबंध में सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, विगत कई वर्षों से सदर अस्पताल परिसर में नए भवन का निर्माण कराया जा रहा है। जिसका काम युद्ध स्तर पर जारी है। इसी बिल्डिंग के पिलर निर्माण के लिए काफी मोटे-मोटे सरिया लाकर निर्माण स्थल पर रखा गया है। जिसमें से गिरफ्तार ट्रैक्टर चालक व उसके साथियों ने बीते रात को सैकड़ों क्विंटल सरिया अस्पताल के सुरक्षा दीवार के दुसरे तरफ चोरी से निकाल कर रख दिया, तथा शुक्रवार की सुबह करीब 8 बजे, चोरी की गयी उस सरिया को, दो ट्रैक्टर पर लोड कर चोरी से ले जा रहे थे। जिसकी भनक किसी तरह कॉन्ट्रैक्टर के मुंशी को हो गयी, लेकिन जब तक वह ट्रैक्टर को पकड़ने काशीपुर के आरपी मिश्रा रोड में पहुंचते, तब तक एक ट्रैक्टर पर लोड लाखों रूप्ये मूल्य का सरिया लेकर ट्रैक्टर चालक भाग निकला। हालांकि इस दौरान सरिया लोड दुसरे ट्रैक्टर को मुंशी ने पकड़ लिया। जिसके कारण आरपी मिश्रा रोड में ही काफी देर तक, सरिया चोरी करके ले जा रहे ट्रैक्टर चालक चोर व भवन निर्माण करने वाले कॉन्ट्रैक्टर/ठेकेदार के मुंशी के बीच, काफी देर तक आपस में झड़प होती रही, उसके बाद भी मुंशी ने, उस ट्रैक्टर को तथा उसके चालक को चोरी का सरिया सहित सदर अस्पताल परिसर ले आया, तथा इसकी सुचना डायल नंबर 112 तथा नगर थाने की पुलिस को दिया। सूचना मिलने के बाद सदर अस्पताल परिसर पहुंची नगर थाने की पुलिस ने, उक्त चोर को हिरासत में लेकर पूछताछ करने थाने लेती चली गयी। इस दौरान उक्त ट्रैक्टर चालक ने यह भी बताया कि, वह इस ट्रैक्टर से पहले भी यहां से सरिया चोरी कर चुका है। जिसे ओवर ब्रिज पुल के नीचे एक कबाड़ी वाले की दुकान में बेच दिया था। जिसके बाद नगर थाने की पुलिस उक्त चोर को अपने साथ लेकर, कबाड़ीखाना पर छापामारी करने चली गई। इसी बीच ठेकेदार के लोगों ने सरिया लोड दूसरे ट्रैक्टर को भी, समस्तीपुर चांदनी चौक बायपास पर बांध किनारे मोक्षधाम के पास पकड़कर, इसकी सुचना नगर थाना को दिया। सुचना मिलने के बाद नगर थाने की पुलिस, उस ट्रैक्टर को बरामद करने बायपास बांध पर चली गयी। इधर चोरी का सरिया लोड ट्रैक्टर पकड़े जाने से गुस्साए चोर के सरदार ने कॉन्ट्रैक्टर के मुंशी को फोन करके गोली मारने की धमकी तक दे दिया। उधर इसकी सुचना जैसे ही ट्रैक्टर मालिक को हुई, उनके लोग भी सदर अस्पताल पहुंच उक्त सरिया चोर ट्रैक्टर चालक की पैरवी करने लगे। उसके बाद असली सच सामने आ गया कि, वह ट्रैक्टर बिहार के एक राजनितिक पार्टी के राज्य स्तरीय नेताजी का है, जिसका इस्तेमाल चोरी का सामान ढ़ोने में किया जा रहा था, तथा सरिया चोरी करवाने वाला व्यक्ति भी ठिकेदार ही है, तथा उस चोर के सरदार का बाप भी ठिकेदार ही है। हालांकि इस दौरान ठेकेदार के मुंशी को यह जानकारी भी मिल गई की, सदर अस्पताल से सरिया की चोरी जिला के ही एक अन्य ठेकेदार के द्वारा करवाया जा रहा है, जो ठिकेदार ज्यादातर रेलवे से स्क्रैप वगैरह की ठेकेदारी लेता है। वहीं पुलिस सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, उस नेता पुत्र के दबाव में आकर स्थानीय नगर थाने की पुलिस व कॉन्ट्रैक्टर तथा उसके मुंशी, सदर अस्पताल से गायब सरिया के बरामद होने के बाद, मामले को कुछ पैसे का लेन-देन करके रफा-दफा करने में जुटे हुए थे। हालांकि इस दौरान स्थानीय पुलिस अपनी करतूतों पर पर्दा डालने के लिए, इस घटना का विडियो बना रहे पत्रकार का मोबाइल भी जबरदस्ती छीन लेना चाही, जिसका विरोध पत्रकार ने किया। हालांकि पत्रकार के घटनास्थल पर पहुंने के चंद मिनट बाद ही नगर थाने की पुलिस घटनास्थल से सरिया चोर को लेकर, पुछताछ करने के बहाने भाग खड़ी हुई। हालांकि इस मामले में सुत्रों का बताना है कि, बाद में नगर थाना की पुलिस, कॉन्ट्रैक्टर का मुंशी, ट्रैक्टर चालक व ट्रैक्टर चालक का पैरवी करने पहुंचे नेताजी ने मिलकर मामले को ही रफा दफा कर दिया।







