
अरविन्द कुमार/नसीब लाल झा/मोहनपुर:[समस्तीपुर] मोहनपुर थाना क्षेत्र में डुमरी दक्षिणी पंचायत के चपरा दियारा क्षेत्र से, बीते दो सप्ताह पूर्व मिले अज्ञात अधजले शव मामले का, मोहनपुर पुलिस ने सफल खुलासा करते हुए, घटना में शामिल मृतक के भाई व चाचा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार चाचा व भतीजे की पहचान मोहनपुर थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव निवासी, नागा राय के पुत्र सुरेंद्र राय, तथा मृतक के भाई मिथिलेश कुमार के रूप में की गई है।

वहीं एक अन्य आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापामारी कर रही है। बहूत जल्द उक्त आरोपित को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उक्त जानकारी एसडीपीओ पटोरी वीरेंद्र कुमार मेधावी ने प्रेस वार्ता के दौरान दिया। प्रेस वार्ता में मौजूद पत्रकारों को जानकारी देते हुए, एसडीपीओ वीरेंद्र कुमार मेधावी ने बताया कि, मोहनपुर थाना क्षेत्र के डुमरी दक्षिण पंचायत के चपरा दियारा क्षेत्र से, बीते दो हफ्ते पूर्व एक युवक का अधजला शव मिला था। जिसे मोहनपुर पुलिस के द्वारा पोस्टमार्टम करा कर सदर अस्पताल के शव शीतगृह में सुरक्षित रखा गया था, इसी बीच वैशाली जिले के गंगा ब्रिज थाना क्षेत्र के नवादा खुर्द निवासी, आमोद चौधरी ने उक्त शव को अपने पुत्र सन्नी कुमार का शव बताया था। वहीं कुछ दिनों के बाद मोहनपुर थानाध्यक्ष को यह सूचना मिली कि, अधजले अवस्था में मिला शव सन्नी कुमार का नहीं, बल्कि मोहनपुर थाना क्षेत्र के जलालपुर निवासी कंचन कुमार का है। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष मोहनपुर इस मामले की नए सिरे से तफ्तीश में जूट गए। जिसके बाद प्राप्त मानवीय आसुचना के आधार पर, मृतक के चाचा व भाई को पुछताछ के लिए, मोहनपुर थानाध्यक्ष ने हिरासत में लिया। शुरू में तो गिरफ्तार बाप व बेटे ने पुलिस को गुमराह करना चाहा, लेकिन जब थोड़ी सी सख्ती पुलिस ने दिखाया तो, दोनों बाप बेटे ने अपना गुनाह कबूल कर लिया और बताया कि, मृतक कंचन कुमार उनका ही भाई है, जो अक्सर शराब के नशे में घर आकर उन लोगों के साथ गाली गलौज, व मारपीट किया करता था। घटना की शाम भी वह शराब के नशे में धुत्त होकर घर आया और गाली गलौज करने लगा। उसी समय उसने अपने पिताजी व अपने चाचा के साथ मिलकर, अपने भाई की गला दबाकर हत्या कर दिया, तथा अपने पिता व चाचा के साथ मिलकर, डुमरी दक्षिणी पंचायत के चपरा दियारा क्षेत्र में ले जाकर, उसके उपर पेट्रोल चिड़कर आग लगा दिया, ताकि उसकी पहचान को छुपाया जा सके। उसके बाद वह लोग घर आ गए और निश्चिंत होकर अपने अपने काम में लग गए। लेकिन उन्हें यह अंदाजा भी नही था कि, वह कभी पुलिस के हाथ भी आएंगे। इस दौरान एसडीपीओ पटोरी वीरेंद्र कुमार मेधावी ने कहा कि एक अन्य व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए छापामारी जारी है। बहूत जल्द उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।









