समस्तीपुर: उजियारपुर प्रखंड क्षेत्र के वार्ड संख्या 04 स्थित अमर सिंह स्थान में बुधवार को भाकपा माले एवं ग्रामीणों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मो. नूर आलम ने की। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेते हुए वार्ड संख्या 03 एवं 04 में भीषण गर्मी के बीच उत्पन्न जल संकट पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।

बैठक में उपस्थित लोगों ने जनप्रतिनिधियों एवं डबल इंजन सरकार की प्रशासनिक विफलता को जल संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 27 मई 2026 को ध्वस्त नल-जल व्यवस्था, तीन महीने से बंद वृद्धावस्था पेंशन, विकलांग एवं विधवा पेंशन के भुगतान, फर्जी बिजली बिल, भ्रष्टाचार तथा बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्रतिरोध मार्च निकाला जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा माले नेता महावीर पोद्दार ने कहा कि बिहार में अब सुशासन नहीं बल्कि “बुलडोजर और एनकाउंटर की सरकार” चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-जदयू की डबल इंजन सरकार नफरत और हिंसा के सहारे सत्ता चला रही है। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार व्याप्त है तथा सरकार कर्मचारियों और विधायकों के वेतन-भत्ते तक के लिए कर्ज लेने को मजबूर है।
वहीं जिला कमिटी सदस्य समीम मंसूरी ने कहा कि भाकपा माले के नेतृत्व में पूर्व में उजियारपुर प्रखंड कार्यालय पर पांच दिनों तक आमरण अनशन किया गया था। अनुमंडल पदाधिकारी दलसिंहसराय के साथ वार्ता एवं आश्वासन के बाद अनिल भंडारी के घर से अंगार घाट चौक स्थित शिव मंदिर तक नल-जल योजना की स्वीकृति मिली थी और बोरिंग भी कराया गया था। लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी पाइपलाइन बिछाने एवं जलापूर्ति बहाल करने का कार्य अधूरा पड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोग भीषण जल संकट से जूझ रहे हैं, जबकि पीएचईडी विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार को आम जनता की समस्याओं की चिंता नहीं है, बल्कि उद्योगपतियों की चिंता है।
बैठक में रेखा देवी, मो. अरमान खान, पिंकी देवी, कोमल देवी, अनिल सहनी, बबीता देवी, दायरानी देवी, सद्दाम शाह, मो. शबान हुसैन, सावित्री देवी, पूनम देवी, परवेज खलिफा, राजेन्द्र सहनी, शांति देवी सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।








