समस्तीपुर। उजियारपुर प्रखंड के लखनीपुर महेशपट्टी पंचायत स्थित धोबियाही पोखर के भिंडा पर निर्मित सीढ़ीघाट का निर्माण करने वाले लोगों ने भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं पार कर दी है। निर्माण कार्य में लगे मजदुरों ने सीढ़ीघाट निर्माण के दौरान सीढ़ी के धाप में ईंट डालकर उपर से ढ़लाई कर दिया।
इस सीढ़ीघाट के निर्माण के दौरान इसकी धाप (सीढ़ियों) में बड़े पैमाने पर घटिया किस्म की ईंटों का उपयोग किया गया है। सीढ़ी धाप के अंदर ईंटें लगाकर उसके ऊपर ढलाई कर दिए जाने से, सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि, इसकी मजबूती आने वाले दिनों में क्या होगी।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उक्त सीढ़ीघाट का निर्माण 15वीं वित्त आयोग मद की राशि से कराया गया है। हालांकि योजना स्थल पर निर्माण कार्य से संबंधित कोई सूचना पट्ट अथवा योजना बोर्ड नहीं लगाया गया है, जिसके कारण योजना की लागत, प्राक्कलन, संवेदक एवं तकनीकी स्वीकृति से जुड़ी जानकारी आम लोगों को उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
जबकि किसी भी सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, योजना स्थल पर योजना से संबंधित बोर्ड लगाया जाना आवश्यक है, लेकिन यहां बिना किसी सूचना बोर्ड के ही निर्माण कार्य को पूरा करा लिया गया। जिसके कारण योजना की गुणवत्ता और खर्च की गई राशि को लेकर संदेह और भी गहरा हो गया है।
संबंधित विभाग के अधिकारियों को चाहिए कि, वह इस निर्माण कार्य की तकनीकी जांच, प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की जांच करते हुए दोषी लोगों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करे। हालांकि सुत्रों का बताना है कि, प्राक्कलन तैयार करने वाले संबंधित कनीय अभियंता ने बताया है कि, इस योजना से संबंधित जनप्रतिनिधी के एक परिजन व उनके कुछ साथियों द्वारा सीढ़ीघाट निर्माण में अनियमितता की गयी है। वह स्वयं इस मामले की जांच करेंगे। अगर मामला सही पाया जाता है तो प्राक्कलन राशि से 15-25% तक की कटौती कर दी जाएगी।








