
समस्तीपुर। उजियारपुर थाना क्षेत्र की एक नाबालिग किशोरी से हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले का एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से उजियारपुर पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मामले को लेकर स्थानीय लोगों और विभिन्न छात्र-युवा संगठनों में भी काफी आक्रोश देखा जा रहा है।
खुद को सिंघम समझने वाले पुलिस पदाधिकारी भी इस मामले में पुरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ झोला छाप नेता जो शुद्ध रूप से थाना की दलाली करता है, पिड़ित परिवार को तरह तरह का प्रलोभन देकर मामले में सुलहनामा लगाने के चक्कर में हैं।
परिजनों के आवेदन के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी तो दर्ज कर लिया है, लेकिन जांच पड़ताल के नाम पर केवल खानापूर्ति ही करती दिखाई दे रही है।
इधर, मामले को लेकर आइसा और आरवाईए समेत कई छात्र संगठनों ने आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी के मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन भी किया है। संगठनों के छात्र नेताओं का कहना है कि, यदि पुलिस समय रहते प्रभावी कार्रवाई करती तो आरोपित अब तक कानून की गिरफ्त में होते। उन्होंने चेतावनी भी दिया है कि, गिरफ्तारी में और देरी होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
आपको बता दें कि, उजियारपुर थाना क्षेत्र की एक नाबालिग किशोरी के साथ 14 जुलाई को दो बाईक सवार पांच की संख्या में मनचले बदमाश युवकों ने हथियार के बल पर अपहरण कर समस्तीपुर के एक होटल मे ले जाकर उस समय सामुहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। जिस समय किशोरी उजियारपुर प्रखंड के पास वाली एक विद्यालय में पढ़ने जा रही थी।






