अरविन्द कुमार/समस्तीपुर: जिले के उजियारपुर थाना परिसर में, रविवार 04 फरवरी को थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के द्वारा आगामी 14 फरवरी को होने वाली सरस्वती पूजा को देखते हुए शांति समिति की बैठक बुलाई गई थी। जिसमें उजियारपुर थाना क्षेत्र के करीब आधा दर्जन पंचायत के मुखिया सरपंच व राजनीतिक पार्टी के कूछ नेता मौजूद रहे, लेकिन इस दौरान एक भी विद्यालय के शिक्षक अथवा निजि कोचिंग संस्थान के शिक्षक, या पूजा समिति के एक भी लोग इस बैठक में दिखाई नही दिए।

शांति समिति के इस बैठक में थानाध्यक्ष के सामने वाली कुर्सी पर भाजपा नेता व राजद नेता, बैठे हुए दिखाई दे रहे थे। वहीं शांति समिति की इस बैठक में भीड़ दिखाने के लिए पुलिस मित्र को भी कुर्सी पर बिठा दिया गया था। जिससे स्पष्ट होता है कि, उजियारपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार शांति समिति की बैठक के नाम पर केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। आपको बता दें कि उजियारपुर प्रखंड क्षेत्र में कुल 28 पंचायत तथा उजियारपुर थाना क्षेत्र में कुल 23 पंचायत है। इन सभी पंचायतों के अंदर छोटी बड़ी निजि विद्यालय व कोचिंग संस्थान तथा सरकारी विद्यालय की संख्या करीब 6 सौ है। जहां धूमधाम से माता सरस्वती जी की पूजा अर्चना की जाती है, लेकिन आज की इस बैठक में ना तो सरकारी विद्यालय के एक भी कर्मी थे, और ना ही निजि कोचिंग संस्थान के ही एक भी शिक्षक या कर्मी थे। जिससे साफ पता चलता है कि, यह शांति समिति की बैठक कम कागजी खानापूर्ति ज्यादा लग रही थी। इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए उजियारपुर निजी कोचिंग संघ के प्रखंड अध्यक्ष सुदर्शन चौधरी ने, उजियारपुर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार के द्वारा रविवार 4 फरवरी को उजियारपुर थाना परिसर में की गयी शांति समिति के बैठक को महज खानापूर्ति बताते हुए, थानाध्यक्ष द्वारा कागजी पन्नों पर की गयी शान्ति समिती बताया। श्री चौधरी ने यह भी बताया की वह लोक शिकायत के माध्यम से जानकारी वरीय पदाधिकारी तक पहुंचाएंगे। ज्ञात हो कि उजियारपुर प्रखंड क्षेत्र में बड़े ही धूमधाम से माता सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है, तथा डीजे की धुन पर जुलूस भी निकाले जाते हैं। जिस जुलूस को निकालने के दौरान रास्ते में अक्सर जूलुस में शामिल लोगों के साथ झड़प भी हो जाती है। अब देखना यह है कि कागज पर की गयी इस शांति समिति की बैठक में लिए गए निर्णय की आवाज पूजा करने वाले लोगों तक पहुंच पाती है कि नही।







