17 साल बाद भी प्रोन्नति का इंतजार, 2009 बैच के दारोगाओं में बढ़ी बेचैनी पदोन्नति नहीं मिलने से पुलिस महकमे में असंतोष, सरकार और विभाग पर उठ रहे सवाल

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पटना/बिहार: बिहार पुलिस विभाग में कार्यरत 2009 बैच के दारोगाओं (सब-इंस्पेक्टर) के बीच इन दिनों भारी असंतोष और संशय की स्थिति बनी हुई है। लंबे समय से सेवा देने के बावजूद अब तक उन्हें प्रोन्नति नहीं मिलने से संबंधित अधिकारियों और जवानों के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि इस बैच के कई दारोगा लगभग 16-17 वर्षों की सेवा पूरी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नति नहीं दी गई है।

सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के अनुसार, विभागीय स्तर पर प्रोन्नति प्रक्रिया को लेकर कई बार चर्चाएं हुईं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आ पाया है। इससे 2009 बैच के दारोगाओं के बीच भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। कई अधिकारियों का कहना है कि उनसे जूनियर बैच के मामलों पर तेजी दिखाई जा रही है, जबकि 2009 बैच की फाइलें वर्षों से लंबित पड़ी हैं।

2009 बैच के प्रोन्नति से वंचित दारोगाओं का कहना है कि उन्होंने अपने सेवा काल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण, चुनाव ड्यूटी, दंगा नियंत्रण, वीआईपी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यों में, अपनी जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा से निभाई हैं। इसके बावजूद समय पर पदोन्नति नहीं मिलना उनके मनोबल को कमजोर कर रहा है, जबकि पुलिस उप-महानिरीक्षक (कार्मिक) बिहार पटना के द्वारा सभी क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक (अपराध अनुसंधान विभाग सहित) सभी क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक (रेल सहित) बिहार-सह-अध्यक्ष क्षेत्रीय चयन पर्षद बिहार को पत्राचार फरवरी 2025 में ही प्रोन्नति हेतू अनुशंसा की मांग की गयी थी।

जिसके बाद अनुसंशा प्राप्त होने के करीब एक वर्ष बाद भी पुलिस मुख्यालय स्तर से अब तक प्रोन्नति के संबंध में कोई भी निर्णय नही लिया जा सका है। जिसके कारण 2009 बैच के दारोगाओं में संशय की स्थिति बनी हुई है, तथा प्रोन्नति के आस में नजरे टिंकाए बैठे हुए हैं। बाबजूद आज तक प्रोन्नति का मामला ज्यों का त्यों बना हुआ है।

पुलिस सुत्रों का यह भी बताना है कि, विभागीय प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। प्रोन्नति को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश या समय-सीमा तय नहीं होने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यही कारण है कि 2009 बैच के दारोगाओं के बीच लगातार चर्चा और चिंता का माहौल बना हुआ है।

विभागीय जानकारों का मानना है कि यदि जल्द ही इस मामले का समाधान नहीं निकाला गया तो, इसका असर पुलिस बल के मनोबल और कार्यक्षमता पर भी पड़ सकता है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि, समय पर पदोन्नति न मिलने से आर्थिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।

अब सभी की निगाहें बिहार सरकार और पुलिस मुख्यालय पर टिकी हुई हैं कि, आखिर कब तक 2009 बैच के दारोगाओं की प्रोन्नति प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं, संबंधित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर इतने वर्षों बाद भी प्रोन्नति में देरी क्यों हो रही है।

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