
अरविन्द कुमार/अमित कुमार/ उजियारपुर: [समस्तीपुर] एक तरफ जहां सम्पूर्ण भारतवर्ष में किसी भी चार पहिया वाहन पर काली फिलम लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है। वहीं बिहार के समस्तीपुर जिला में एक पुलिस पदाधिकारी ऐसे भी हैं जो माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए, थाना के सरकारी वाहन पर काला फिल्म लगाकर थानेदारी करते नजर आ रहे हैं। हम बात कर रहे हैं जिला के उजियारपुर थाना के थानाध्यक्ष की। आपको बता दें कि उजियारपुर थाना के पूर्व थानाध्यक्ष डॉ अनिल कुमार जब तक उजियारपुर में थानाध्यक्ष के पद पर रहे, थाना के किसी भी वाहन पर काला फिलम नही रहा, लेकिन डॉ अनिल कुमार के तबादला होने के साथ ही, उजियारपुर थानाध्यक्ष के रूप पुलिस अवर निरीक्षक मुकेश कुमार ने कार्यभार संभाला, और कार्यभार संभालने के साथ ही उजियारपुर थाना के सरकारी वाहन पर काली फिल्म चढ़ा दिया।आखिर ऐसी क्या मजबुरी थी कि, थानाध्यक्ष को सरकारी वाहन पर काली फिलम चढ़ाने की जरूरत हो गयी। जबकि माननीय सुप्रीम कोर्ट के द्वारा किसी भी चार पहिया अथवा उससे ज्यादा चक्का वाले वाहनों पर, काली फिल्म चढ़ाने पर सख्त रोक है। इसके बाद भी अगर काली फिलम लगी वाहन का प्रयोग किया जाता है तो, भारतीय मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत जुर्माने का प्रावधान है। जिसकी राशि 10 हजार तक हो सकती है। आपको बता दें कि, काले शीशे लगे वाहनों से हत्या, अपहरण सहित तस्करी के वारदातों को अंजाम दिया जाता रहा है। आपराधिक चरित्र वाले लोग भी अपनी पहचान छुपाने के लिए ऐसे वाहनों का हमेशा से प्रयोग करते रहे हैं। यही नहीं लग्जरी बसों और कारों के शीशे में भी काली फिल्म नही लगाना है। हालांकि समस्तीपुर जिला में खासकर समस्तीपुर शहर में ऐसे दर्जनों चार पहिया वाहन सड़कों पर सरपट दौड़ रहे हैं, जो पुरी तरह गैर कानूनी है। वाहनों पर काला फिल्म लगाने से उस वाहन के अंदर क्या हो रहा है, काली फिल्म लगे वाहन के अंदर कौन है , उसे सड़क पर आने-जाने वाले लोग देख नहीं सकते हैं। काली फिल्म लगे वाहनों पर सवार अपराधी, अपराध को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जाते हैं, और कोई उसे पहचान भी नही सकता है। आपको बता दें कि केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली 1989 के नियम 100 के तहत, वाहनों की खिड़कियों के शीशे काली अथवा रंगीन नहीं होने चाहिए। वहीं इस बाबत पूछे जाने पर जिला परिवहन पदाधिकारी समस्तीपुर विवेक चंद्र पटेल ने बताया कि, जिला परिवहन कार्यालय के मोटरयान निरीक्षक को, उजियारपुर थानाध्यक्ष के द्वारा इस्तेमाल की जा रहे उक्त वाहन का जांच कर, जुर्माना करने तथा थाना के वाहन पर से अविलंब काली फिल्म हटाने का निर्देश दिया गया है।








