अरविन्द कुमार/अमित कुमार:(समस्तीपुर) बिहार सरकार के पुर्व उप मुख्यमंत्री व बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव, आज मंगलवार 10 सितम्बर को अपनी आभार यात्रा सह कार्यकर्ता संवाद की शुरुआत समस्तीपुर के कर्पूरी सभागार से किया। जहां उन्होंने उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं तथा पदाधिकारियों से मुलाकात कर एक दुसरे के बीच संवाद स्थापित किया। कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम से पुर्व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने, जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता का आयोजन किया।

आयोजित इस प्रेस वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र की मोदी सरकार व बिहार के नितिश सरकार पर जमकर निशाना साधा। पत्रकारों को जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि, बिहार में अपराध का आलम यह है कि, लोगों के घरों में घुसकर दिनदहाड़े गोली मार दी जाती है, और सरकार सुशासन का राग अलापने में लगी हुई है। इस दौरान तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि, मुख्यमंत्री का इकबाल खत्म हो चुका है।

संपूर्ण बिहार अपराधियों तथा भ्रष्टाचारियों का बोलबाला हो गया है। वहीं समस्तीपुर में बीपीएससी के द्वारा किए गए, शिक्षक नियुक्ति फर्जीबाड़ा मामले को लेकर उन्होंने कहा कि, उनके सत्ता से हटते ही बीपीएससी व नीट का पेपर लीक हो गया। आखिर इस फर्जीवाड़ा का दोषी कौन है ? सरकार अभी तक इस मामले में किस पर कार्रवाई की है ? यही नहीं बिहार में रोजाना और लगातार पुल व पुलिया ताश के पत्तों की तरह गिरती जा रही है।
जब से डबल इंजन की सरकार बनी है, इस सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री सिर्फ मलाई खाने में लगे हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह लोग क्या बताएंगे, मुख्यमंत्री तो कभी संवाद करते ही नहीं हैं, जनता से ना सही अपने कार्यकर्ताओं से ही संवाद कर लेते। उन्होंने यह भी कहा कि, कहीं योजना भी होती है तो उसमें भी अब वह भाषण नहीं देते हैं। किसी भी कार्यक्रम को लेकर अब 2-4 लोग ही हैं, जिनके पीछे वह घूमते रहते हैं। अब जो आदमी बंद कमरे से बाहर निकलेगा ही नही, तो वह संवाद किससे करेगा।
उनके इस यात्रा पर भी कुछ लोग कटाक्ष करना शुरू कर दिए हैं, उससे उन्हें कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है, लेकिन उनकी जो जिम्मेवारी है उसको वह हमेशा निभाते रहेंगे, कौन क्या कह रहा है, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि, स्वर्गीय कर्पुरी ठाकुर जी की धरती से आज इस कार्यकर्ता संवाद सह आभार यात्रा का आगाज कर रहे हैं।
जिसमें वह कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित कर मुख्य बातों को सुनेंगे, साथ ही कार्यकर्ताओं की जो भी समस्या और विचार होंगे, उसको भी जानने की कोशिश की जाएगी। इस दौरान तेजस्वी प्रसाद यादव ने यह भी कहा कि, उनका मकसद है कार्यकर्ताओं से मिलकर बिहार की जमीनी हकीकत व बिहार के लोगों की समस्या को समझना, साथ ही साथ पार्टी को मजबूती प्रदान करना। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि, बिहार में सबसे ज्यादा बेरोजगारी और गरीबी है।
यहां प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है। 94 लाख परिवार बिहार में ग़रीबी रेखा के नीचे गुजर-बसर करते हैं। जब बिहार में महागठबंधन की सरकार थी, उस समय जाति आधारित गणना के साथ-साथ हर वर्ग के लोगों का डेटा सुरक्षित किया गया था। जिसके आधार पर योजना को क्रियान्वित करना था। उन परिवारों को सालाना दो लाख देने की योजना भी थी। भूमिहीनों को घर बनाने के लिए एक लाख 20 हजार रुपये देने की भी योजना तैयार थी।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि हम, उनलोगों ने आरक्षण भी बढ़ाने का काम किया, जो देश भर में सबसे ज्यादा आदिवासी को 65 प्रतिशत दिया, लेकिन आप लोग सब जान रहे हैं कि क्या हुआ, हम लोग आरक्षण को 9वीं अनुसूची में डालना चाहते थे, लेकिन हुआ नहीं। आज इसी सिलसिले में वह इस यात्रा पर निकले हैं, और नया बिहार बनाने में कार्यकर्ताओं का साथ और विश्वास ले रहे हैं।







