गोली मारकर लूट मामले में पिड़ित के आवेदन पर 03 नामजद समेत 04 युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज! घटना या साजिश ? जांच में जुटी पुलिस! सस्पेंस बरकरार

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

समस्तीपुर। जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र में रविवार 12 अप्रैल को, कथित रूप से एक युवक को गोली मारकर लूटपाट मामले में मोहिउद्दीननगर पुलिस ने, पिड़ित युवक के आवेदन पर 03 नामजद व एक अज्ञात समेत कुल 04 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच प्रक्रिया तेज कर दी है।

आपको बता दें कि, रविवार 12 अप्रैल की दोपहर करीब 1 बजे, मोहिउद्दीननगर थाना को पीएचसी मोहिउद्दीननगर के द्वारा सूचना मिली थी कि, एक युवक जख्मी हालत में इलाज के लिए पीएचसी आया हुआ है। जिसके पैर में गोली लगी हुई है। सूचना मिलते ही मोहिउद्दीननगर पुलिस बल सीएचसी मोहिउद्दीननगर पहुंची भी, लेकिन तब तक घायल युवक को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर रेफर किया जा चुका था।

अस्पताल में मौजूद लोगों ने मोहिउद्दीननगर पुलिस को बताया कि, युवक को कुरसाहा पुल के पास से लाया गया था।
इसके बाद पुलिस  कुरसाहा पुल के पास पहुंची। जहां कुरसाहा पुल के पास पुलिस को खुन के छींटे दिखाई दिए। जब पुलिस ने स्थानीय लोगों से पुछताछ किया तो पता चला कि, इसी तरह एक युवक बलुआही इलाके में सड़क किनारे एक पीपल पेड़ के नीचे गिरा हुआ देखा गया था। जब पुलिस बलुआही पीपल पेड़ के पास पहुंची तो वहां पर भी खुन के धब्बे दिखाई दिए।

बलुआही के स्थानीय लोगों ने बताया कि, जब उनलोगों ने घायल युवक की सहायता करनी चाही तो, घायल युवक ने खुद को सड़क दुर्घटना में घायल होना बताकर बाईक स्टार्ट कर आगे निकल गया। वहीं मामले में नया मोड़ तब आया, जब थानाध्यक्ष ने सदर अस्पताल पहुंचकर घायल का फर्दबयान लिया। अपने बयान में शुभम कुमार ने तीन लोगों को नामजद व एक अज्ञात पर आरोप लगाते हुए कहा कि, सभी ने मिलकर उसे गोली मार दी और दो लाख रूपए नकद लूट लिए।

जिसके बाद पुलिस ने भी घायल युवक के फर्दबयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर, मामले की गहराई से जांच में जुट गयी है, साथ ही घटनास्थल को सुरक्षित कर एफएसएल टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पटोरी के नेतृत्व में पूरे मामले की जांच की जा रही है। हालांकि घायल युवक के पल-पल बदलते बयान से पुलिस भी असमंजस में पड़ी हुई है। बाबजूद इस घटना की गहराई से जांच में जुटी हुई है।

इस संबंध में डीएसपी पटोरी विरेन्द्र कुमार मेधावी का बताना है कि, बलुआही में जिस जगह पर युवक घायल अवस्था में पड़ा हुआ था, उस जगह से थाना व पीएचसी की दुरी मात्र एक किलोमीटर है। बावजूद वह युवक ढ़ाई किलोमीटर आगे क्यों चला गया ? स्थानीय लोग जब घायल युवक की मदद करना चाहे तो घायल युवक ने अपने पास किसी को आने क्यों नही दिया ? शुरुआत में खुद को एक्सीडेंट में घायल होना फिर बाद में गोली मारकर लूटपाट की बात करना! आखिर सच क्या है ? हालांकि स्थानीय सुत्रों का बताना है कि, गोली लगने से घायल युवक की कार्य प्रणाली भी संदिग्ध रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *