अरविन्द कुमार/अमित कुमार:(दलसिंहसराय) जिले के दलसिंहसराय थाना अंतर्गत गंज रोड स्थित, लाईफ हॉस्पीटल नामक अस्पताल में, डॉक्टर की लापरवाही के कारण एक प्रसूता की मौत अस्पताल में ही हो गयी। प्रसूता की मौत के बाद मृतका के परिजनों ने, अस्पताल में जमकर हंगामा किया।

जिसके बाद लाईफ हॉस्पीटल अस्पताल के डॉक्टर व कर्मी अस्पताल छोड़कर फरार हो गए। बाद में मृतका के परिजनों ने मृतका के शव के साथ दलसिंहसराय रोसड़ा पथ को जाम कर दिया, तथा डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करने लगे। हालांकि सड़क जाम के करीब 1 घंटा बाद तक भी, दलसिंहसराय पुलिस जामस्थल स्थल पर नही पहुंची थी। सड़क जाम के कारण उक्त पथ पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गयी।

मृतका की पहचान दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के लोकनाथपुर गंज वार्ड 15 निवासी, राजकुमार महतो की पुत्री रासमणि कुमारी के रूप में की गयी है। घटना के संबंध में मृतका के भाई संजीत कुमार का बताना है कि, उनकी बहन को मंगलवार 17 सितम्बर की शाम अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी। जिसके बाद वह उसे दलसिंहसराय के गंज रोड स्थित लाईफ हॉस्पीटल नामक अस्पताल में ईलाज के लिए भर्ती करा दिए।

मंगलवार के शाम को ही डॉक्टर के द्वारा बताया गया कि, शरीर में खुन की काफी कमी है इसलिए रक्त चढ़ाना होगा। इसी बीच उनकी बहन ने सामान्य रूप से एक स्वस्थ बच्चे को जन्म भी दे दिया। डिलेवरी होने बाद वह रक्त लेने समस्तीपुर चले गए। जब वह रक्त लेकर समस्तीपुर से दलसिंहसराय अस्पताल पहुंचे तो, डॉक्टर ने सुबह चेकअप के बाद रक्त चढाया जाएगा बोलकर छोड़ दिया।
जिसके बाद देर रात से ही उनकी प्रसूता बहन की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। बुधवार 18 सितम्बर की सुबह जब डॉक्टर आया तो, उसने आने के साथ ही उनके मरीज की बिगड़ती तबीयत को देखकर ह, बगैर रक्त चढ़ाए किसी दुसरे अस्पताल ले जाने को कहने लगा। जिसके बाद वह किसी अन्य अस्पताल में ले जाने की तैयारी करने लगे। इसी बीच उनके मरीज की मौत हो गयी।
जिसके बाद उक्त अस्पताल के डॉक्टर कर्मी सहित फरार हो गए। आपको बता दें कि, दलसिंहसराय में विगत कई वर्षों से करीब तीन दर्जन से भी अधिक फर्जी अस्पताल, दलसिंहसराय अनुमंडलीय अस्पताल के चारों ओर फैला हुआ है। यही नही अनुमंडलीय कार्यालय से भी मात्र 100 मीटर की दुरी पर दर्जनों फर्जी किलनिक संचालित किए जाते हैं, लेकिन वैसे फर्जी किलनिक व फर्जी अस्पतालों पर दलसिंहसराय पुलिस प्रशासन अथवा जिला प्रशासन की नजर तक नही जाती है।
जबकि दलसिंहसराय में प्रत्येक वर्ष इन फर्जी डॉक्टरों व अस्पतालों के कारण 12-15 मौतें हो ही जाती है। बाबजूद स्थानीय प्रशासन इस पर रोक लगाने में पुरी तरह विफल साबित हो रही है।







