उजियारपुर (समस्तीपुर): सरकारें बदलती हैं, चेहरे बदलते हैं, लेकिन उजियारपुर प्रखंड के लखनीपुर महेशपट्टी पंचायत की तकदीर नहीं बदली। उजियारपुर प्रखंड का लखनीपुर महेशपट्टी पंचायत एक मात्र ऐसा पंचायत है, जो पिछले 25 वर्षों में विकास के मामले में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाया है।

विकास योजनाओं के नाम पर आने वाली करोड़ों की राशि धरातल पर उतरने के बजाय, जनप्रतिनिधियों और उनके करीबियों की भेंट चढ़ जाती है। पंचायत में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। आलम यह है कि, मुखिया व उनके चहेते पंचायत समिति सदस्य तथा उनके सहयोगियों ने मिलकर सरकारी खजाने की जमकर बंदरबांट की है।
सात निश्चय योजना के तहत ‘हर घर नल का जल’ और नाली-गली पक्कीकरण कागजों पर तो चमक रहे हैं, लेकिन वास्तविकता में नल से जल गायब है, कहीं किसी नल से जल निकलती भी है तो मात्र जल की बुंद ही टपकती है। नाली गली पक्कीकरण के नाम पर बनाए हुए एक भी नाले सही नही है। सभी बनने के साथ ही धराशाई हो गया।
पंचायत में बनाई गई पीसीसी सड़कें बनने के साथ ही टूटने लगी। यही नही पीसीसी सड़कों ने पहली बरसात में ही अपनी गुणवत्ता की पोल खोल दी। सड़क से बालु व सीमेंट स्वतः अलग हो गयी और गिट्टी दिखने लगी। वहीं दुसरी ओर छठ घाट निर्माण के नाम पर घटिया क्वालिटी का गिट्टी, बालू, सीमेंट व छड़ का उपयोग कर ढांचा तैयार करते हुए केवल खानापूर्ति की गई है।
इतना ही नही गरीबों के सिर पर छत देने वाली इस योजना “प्रधानमंत्री आवास योजना” को भी स्थानीय मुखिया पति के पाले गुर्गों ने ‘कमीशनखोरी का जरिया बना दिया है। स्थानीय मुखिया ने ग्रामीण आवास सहायक व आवास पर्यवेक्षक की मदद से बिना सुविधा शुल्क (रिश्वत) के योग्य लाभुकों को सूची में स्थान ही नही देता है।
वहीं स्वच्छता के नाम पर कचरा प्रबंधन के लिए स्थानीय ग्रामीणों को उपलब्ध करायी गयी बाल्टी भी गुणवत्ताहीन है। बताया जाता है कि, कूड़ेदान बाल्टी के खरीद में भी मुखिया ने बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की है। यही नहीं! पुराने कुओं और पोखरों के सौंदर्यीकरण के नाम पर भी मोटी रकम की निकासी हुई, लेकिन मौके पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
एक भी कुआं से एक बुंद भी पानी नहीं निकाला जा सका है। इस तरह के भ्रष्टाचार से इतना तो स्पष्ट है कि, लखनीपुर महेशपट्टी पंचायत आज से 25 साल पहले जहां खड़ा था, आज भी विकास के पायदान पर वहीं खड़ा है। विकास केवल उन ‘चुनिंदा’ लोगों का हुआ है जो सत्ता की मलाई चाट रहे हैं।
आम जनता आज भी जर्जर सड़कों और बगैर नल का जल व सरांध भरी नालियों के बीच जीने को मजबूर है। इन सभी मामलों को लेकर पंचायत के प्रबुद्ध नागरिकों ने, जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि, लखनीपुर महेशपट्टी पंचायत में, पिछले 20-25 वर्षों में हुई तमाम विकास योजनाओं की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, तथा दोषी लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।







