समाहरणालय मुख्य द्वार पर पुलिस वर्दी में रील बनाकर होमगार्ड जवान उड़ा रहा नियमों की धज्जियां

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समस्तीपुर। बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा पुलिसकर्मियों को वर्दी में रील, वीडियो और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने पर, सख्त निर्देश जारी किए जाने के बावजूद, समस्तीपुर जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय परिसर में ही इन आदेशों की खुलेआम अवहेलना किए जाने का मामला सामने आया है। जहां समाहरणालय के मुख्य द्वार पर तैनात एक होमगार्ड जवान खुलेआम बिहार पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए, पुलिस की वर्दी में फिल्मी गानों पर रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहा है। जबकि समाहरणालय भवन में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का कार्यालय संचालित होता है।

इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिट्टू कुमार नाम का होमगार्ड जवान, समाहरणालय के मुख्य द्वार पर ड्यूटी के दौरान, वर्दी पहनकर फिल्मी गानों पर रील तैयार करता है, साथ ही वह इन वीडियो को “आईजी बिट्टू साहनी” नामक इंस्टाग्राम आईडी से, सोशल मीडिया पर अपलोड भी कर रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इन वीडियो को लेकर अब प्रशासनिक और पुलिस महकमे की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि जिस समाहरणालय भवन के मुख्य द्वार पर यह सब हो रहा है, उसी भवन के प्रथम तल पर जिलाधिकारी समस्तीपुर रौशन कुशवाहा का कार्यालय स्थित है, जबकि द्वितीय तल पर पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर अरविंद प्रताप सिंह का कार्यालय संचालित होता है। इसके बावजूद ड्यूटी के दौरान वर्दी में रील बनाना और उसे सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करना सुरक्षा व्यवस्था एवं अनुशासन दोनों पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है।

गौरतलब है कि, बिहार पुलिस मुख्यालय ने पूर्व में ही स्पष्ट आदेश जारी कर कहा था कि, पुलिसकर्मी वर्दी में फिल्मी गानों, डायलॉग्स या मनोरंजन आधारित रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करेंगे, और ना ही ड्यूटी के दौरान तिलक चंदन लगाना है, और ना ही किसी प्रकार के सोना व चांदी का जेवर-जेवरात ही पहनना है। मुख्यालय का मानना था कि इससे पुलिस विभाग की छवि प्रभावित होती है, तथा अनुशासनहीनता को बढ़ावा मिलता है। इसके बावजूद समस्तीपुर में इस तरह की गतिविधि सामने आने से यह सवाल उठ रहा है कि, क्या स्थानीय स्तर पर बिहार पुलिस मुख्यालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है या नहीं।

हालांकि समाहरणालय परिसर से इस तरह के विडियो सामने आने के बाद, स्थानीय लोगों का कहना है कि समाहरणालय जैसे संवेदनशील परिसर में ड्यूटी के दौरान मोबाइल से रील बनाना सुरक्षा मानकों के भी विपरीत है। लोगों ने मामले की जांच कर संबंधित जवान पर कार्रवाई की मांग की है।

अब देखना यह होगा कि वायरल रील और सोशल मीडिया पोस्ट सामने आने के बाद जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और संबंधित होमगार्ड जवान पर क्या कुछ कार्रवाई की जाती है।

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