मनरेगा योजनाओं में फर्जीवाड़े और सरकारी राशि गबन का आरोप, जांच की मांग

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समस्तीपुर। उजियारपुर प्रखंड क्षेत्र के रायपुर पंचायत में मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर एक गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। रायपुर पंचायत निवासी सह स्थानीय पंचायत समिति सदस्य बुधन रजक ने, जिलाधिकारी समस्तीपुर को दिए शिकायती आवेदन पत्र में कच्चा नाला उड़ाही के नाम पर लाखों रूपए की राशि फर्जी तरीके से निकासी कर लिए जाने का दावा किया है।

यह आरोप पंचायत समिति सदस्य बुधन रजक ने, रायपुर पंचायत के मुखिया, मुखिया पुत्र, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी उजियारपुर महेश कुमार, जूनियर इंजीनियर सचिन कुमार, पंचायत तकनीकी सहायक जितेन्द्र कुमार, तथा पंचायत रोजगार सेवक सुभाष कुमार पर मिलीभगत कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि, जिन व्यक्तियों के नाम पर मजदूरी भुगतान दर्शाया गया है, उनमें कई ऐसे लोग शामिल हैं जो अन्यत्र प्रदेश में रहकर निजि कंपनियों में काम करते हैं, जबकि कुछ लोग सुखी संपन्न किसान हैं, जो स्वयं अपने खेतों में मजदूर लगाकर खेती का कार्य कराते हैं। इसके बावजूद उनके नाम पर मनरेगा मजदूर के रूप में हाजिरी दर्ज कर भुगतान किया गया है।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि, पंचायत में एक ही कार्य को अलग-अलग नाम देकर कई योजनाओं के माध्यम से फर्जी तरीके से मजदूरों की हाजिरी बनाई गई और सरकारी राशि का बंदरबांट की जा रही है। शिकायतकर्ता बुधन रजक ने, अपने शिकायती पत्र में योजना कोड संख्या: IC/20570149, IC/20638123, IC/20638124 एवं AV/20422216 का उल्लेख करते हुए इन योजनाओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि, इस संबंध में पहले मौखिक रूप से पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया था, लेकिन वहलोग इस मुद्दे पर गंभीर नही दिखे। जिसके बाद उन्होंने लिखित शिकायत संबंधित सभी पदाधिकारियों को किया है।

शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा सरकारी राशि की वसूली सुनिश्चित करने की मांग की है।

फर्जी योजनाओं की शिकायत जिलाधिकारी से करने के बाद यह मामला रायपुर पंचायत क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों की निगाहें प्रशासनिक अधिकारियों पर टिकी हैं कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कब शुरू होती है और सत्यता सामने आने के बाद क्या कार्रवाई की जाती है। वहीं रायपुर पंचायत की मुखिया अंजु कुमारी का बताना है कि, पंचायत समिति सदस्य बुधन रजक द्वारा उनपर लगाए गए सभी आरोप झूठे व बेबुनियाद है। सभी काम प्राक्कलन के अनुसार ही कराए गए हैं।

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