समस्तीपुर। उजियारपुर प्रखंड के मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी के भ्रष्टाचार की लिस्ट इतनी लंबी है कि, पढ़ते पढ़ते सारी उम्र निकल जाएगी। ढीठ इतना की दर्जनों आवेदन मिलने के बाद भी किसी भी फर्जी योजना पर रोक तक नही लगाते हैं, किसी योजना को रद्द करना तो दुर की बात है। ऐसा ही एक मामला उजियारपुर प्रखंड क्षेत्र के रामपुर एकशिला गांव से सामने आया है।
जहां रामपुर एकशिला निवासी अरूण कुमार कुंवर के खतियानी भूमि पर उनके स्वयं द्वारा वर्ष 2023 में मतस्य पालन के उद्देश्य से खुदवाया गया पोखरा पर पतैली पूर्वी पंचायत के तकनीकी सहायक/ रोजगार सेवक/ पंचायत सचिव एवं अन्य लोक सेवक के मदद से लाखों रूपए की निकासी अवैध मजदुरों के खातों पर कर राशि का गबन कर लिया गया है।
इस विषय से संबंधित आवेदन पिड़ित व्यक्ति ने कार्यक्रम पदाधिकारी मनरेगा उजियारपुर को उपलब्ध कराकर उचित कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन आज महीनों बीत जाने के बाद भी ना तो उक्त योजना की जांच की गयी, और ना ही संबंधित कर्मियों के खिलाफ कोई विधि सम्मत कार्रवाई ही की गयी है। जिससे स्पष्ट होता है कि, सरकारी राशि की इस लूट में कार्यक्रम पदाधिकारी उजियारपुर भी शामिल हैं।
आपको बता दें कि, वर्तमान समय में उजियारपुर प्रखंड के लखनीपुर महेशपट्टी, गावपुर, चैता दक्षिणी, सातनपुर, चांदचौर मध्य, चांदचौर पूर्वी, चांदचौर पश्चिमी, भगवानपुर देसुआ, मालती, भगवानपुर कमला, बेलारी, बैकुंठपुर ब्रह्णडा, रायपुर, रामचन्द्रपुर अंधैल व महिसारी समेत दर्जनों पंचायतों के पंचायत रोजगार सेवक/तकनीकी सहायक के बीच सरकारी राशि के गबन और लूट मचाने की होड़ सी लगी है।
उक्त सभी पंचायतों में बगैर किसी कार्य के केवल योजना का नाम देकर सरकारी राशि की लूट मची हुई है। सबसे बड़ी आश्चर्य की बात तो यह है कि, इस तरह के मामले की जानकारी उप-विकास आयुक्त को देने के बाद भी कोई कार्रवाई उजियारपुर के इस भ्रष्ट पीओ के खिलाफ नही किया जाता है। इससे साबित होता है कि, मनरेगा विभाग से जुड़े सभी पदाधिकारी इस मनरेगा लूट के खेल के खिलाड़ी बने हुए हैं।









