समस्तीपुर। उजियारपुर प्रखंड के गावपुर पंचायत में मनरेगा योजनाओं के तहत बाहा उड़ाही एवं निजि खेत में पोखर निर्माण कार्यों में भारी अनियमितता और सरकारी राशि के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। इस पंचायत में कई योजनाओं में कागज पर कार्य दिखाकर लाखों रुपये की निकासी कर ली गई है, जबकि धरातल पर कोई कार्य या तो हुआ नही है, या फिर मानक के अनुरूप नहीं कराया गया है।
गावपुर पंचायत के वार्ड संख्या-10 में योगी चौक स्थित दुर्गा मंदिर से जमुआरी नदी तक बाहा उड़ाही कार्य को विभागीय अभिलेखों में पूरा दिखाया गया है, लेकिन संबंधित स्थल पर बाहा उड़ाही का कार्य वास्तविक रूप से नहीं कराया गया है, बावजूद इसके योजना की राशि की निकासी कर ली गई।
इसी प्रकार वार्ड संख्या-08 में धोबियाही पोखर से जयराम ठाकुर के घर के पीछे तक बाहा उड़ाही कार्य भी विभागीय रिकॉर्ड में संचालित एवं पूर्ण दिखाया गया है, हालांकि यह काम भी पुरा नही हुआ है, लेकिन सरकारी राशि की बंदरबांट जरूर कर ली गयी है।
वहीं वार्ड संख्या-13 में कपिलदेव कुमार, पिता राम बहादुर सहनी के निजी जमीन पर पोखर निर्माण कार्य तथा रामबाबू साहनी, पिता राजेंद्र साहनी के निजी जमीन पर खेत पोखर निर्माण कार्य को लेकर भी सवाल उठना लाजिमी है। इन योजनाओं में भी नियमों की अनदेखी करते हुए, लाभार्थी चयन किया गया। लोगों का कहना है कि इन योजनाओं के माध्यम से सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पंचायत में मनरेगा की कई योजनाओं में पहले भी अनियमितता की शिकायतें सामने आती रही हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर कुछ जनप्रतिनिधियों, कर्मियों एवं ठेकेदारों की मिलीभगत से योजनाओं को लूट का माध्यम बना दिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा जैसी महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन एवं विकास कार्यों को बढ़ावा देना है, लेकिन गावपुर पंचायत में कुछ लोगों द्वारा इसे निजी कमाई का साधन बना दिया गया है। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।









