खेग्रामस का 15 सदस्यीय पंचायत कमिटी गठित, उजियारपुर सहित उत्तर बिहार को सूखाग्रस्त घोषित करने की उठी मांग

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उजियारपुर। अखिल भारतीय किसान महासभा का लोहागीर पंचायत सम्मेलन सोमवार 17 अगस्त को दिन के करीब 3:30 बजे मलिकाना मोहल्ला में, शंकर प्रसाद यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गयी। सम्मेलन में किसानों की समस्याओं, सूखे की स्थिति और फसलों के उचित मूल्य सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन करते हुए किसान महासभा के जिलाध्यक्ष महावीर पोद्दार ने कहा कि, उजियारपुर सहित पूरे उत्तर बिहार को सूखा क्षेत्र घोषित किया जाना चाहिए। पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसान धान की रोपनी करने में असमर्थ हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से किसानों को तत्काल राहत देने की मांग की।

महावीर पोद्दार ने कहा कि किसानों को भी अपनी फसलों का उचित मूल्य तय करने का अधिकार मिलना चाहिए। जब पूंजीपतियों को अपने उत्पादों की कीमत तय करने की आजादी है, तो किसानों को यह अधिकार क्यों नहीं दिया जा सकता। उन्होंने सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने की मांग की।

आयोजित इस सम्मेलन के दौरान 15 सदस्यीय लोहागीर पंचायत कमिटी का गठन किया गया। इसमें सुशील सहनी को अध्यक्ष, वैद्यनाथ सहनी को सचिव, रामानंद सहनी एवं रंजीत सहनी को उपाध्यक्ष तथा रामाकांत सहनी एवं राम विलास सहनी को सह-सचिव चुना गया।

बैठक समापन भाषण देते हुए किसान महासभा के जिला सचिव ललन कुमार ने कहा कि, कृषि क्षेत्र में पूंजीपतियों के प्रवेश से खेती-किसानी की लागत लगातार बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि, केंद्र सरकार की नीतियों के कारण किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और खेती-किसानी व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने सरकार से किसानों के हित में ठोस कदम उठाने तथा सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने की मांग की।

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