
उजियारपुर। उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत लखनीपुर महेशपट्टी पंचायत के वार्ड संख्या-01 स्थित ब्रह्म स्थान परिसर में, शनिवार 29 अगस्त को बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त से संबंधित वंशावली सत्यापन कार्य को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त अधिनियम, 2011, नियमावली 2012, संशोधित अधिनियम 2017 तथा संशोधित नियमावली 2019 के तहत किया गया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य उजियारपुर अंचल अंतर्गत लखनीपुर महेशपट्टी पंचायत के राजस्व ग्राम दरियापुर पतैली के भू-धारियों एवं रैयतों की वंशावली का सत्यापन करना तथा विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना था।
बैठक में संबंधित क्षेत्र के भू-धारियों, रैयतों एवं ग्रामीणों को वंशावली सत्यापन की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। इस दौरान लोगों से अपनी भूमि एवं पारिवारिक उत्तराधिकार से संबंधित दस्तावेजों को व्यवस्थित रखने तथा सत्यापन प्रक्रिया के दौरान आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने की अपील की गई।
इस संबंध में जानकारी देते हुए लखनीपुर महेशपट्टी पंचायत के पैक्स अध्यक्ष श्याम कुमार उर्फ प्रवीण कुमार ने कहा कि, विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त के दौरान किसी भूमि के वास्तविक हकदारों एवं उनके उत्तराधिकारियों की पहचान महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसी क्रम में वंशावली का सत्यापन किया जाता है, ताकि भूमि के स्वामित्व एवं उत्तराधिकार से संबंधित अभिलेखों को सही रूप में तैयार किया जा सके। सत्यापन के माध्यम से यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है कि, भूमि से संबंधित रिकॉर्ड में वास्तविक रैयत एवं उनके वैध उत्तराधिकारियों का विवरण दर्ज हो।
बैठक के माध्यम से पैक्स अध्यक्ष प्रवीण प्रवीण कुमार ने ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि, वंशावली तैयार करने एवं उसके सत्यापन के दौरान परिवार के सदस्यों, पूर्वजों एवं उत्तराधिकारियों से संबंधित सही जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। किसी प्रकार की आपत्ति या दावा होने की स्थिति में संबंधित प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखने की भी व्यवस्था है। ग्रामीणों ने विशेष सर्वेक्षण एवं वंशावली सत्यापन से जुड़ी प्रक्रिया को समझने में रुचि दिखाई। लोगों के बीच अपनी भूमि से संबंधित कागजात एवं पारिवारिक विवरण को लेकर भी चर्चा होती रही।
इस दौरान बैठक के आयोजकों की ओर से लोगों से यह अपील भी की गई कि, वह वंशावली सत्यापन की प्रक्रिया में सहयोग करें और अपने भूमि संबंधी दस्तावेजों तथा पारिवारिक विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर समय रहते उसका निराकरण कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएं।
विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तैयार होने वाले अभिलेख भविष्य में भूमि संबंधी अधिकार एवं रिकॉर्ड के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं। ऐसे में संबंधित भू-धारियों एवं रैयतों के लिए सत्यापन प्रक्रिया में सही और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मौके पर मौजूद किसानों में अजय कुमार राय, अरविन्द कुमार राय, अनिल कुमार राय, रामकुमार राय, रंजित कुमार सहनी उर्फ क्रांति सहनी, सुरेंद्र सिंह, रमेश कुमार साह, बालेश्वर सिंह, उमेश सहनी, बैजू सिंह, बल्ला सहनी, भविक्षण राय समेत दर्जनों किसान मौजूद थे।







